।।राम नाम की महिमा।।
आज का ज्ञान :- एक फ़क़ीर जो एक शहर के बस स्टैंड के पास एक वृक्ष की छाया में माला फेर रहा था तो एक अंग्रेज बस से उतरा बाबा के पास जाकर बोला ये आपके हाथ में क्या है? बाबा ने अंग्रेज के कंधे में बन्दुक टांगी हुयी थी बाबा बोले ये क्या है?अंग्रेज ने कहा ये मेरा हथियार है। बाबा बोले ये मेरा हथियार है। अंग्…
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*शर्त*
आज का ज्ञान :- इस कहानी में दो मित्रो में आपस मे शर्त लगती है कि, यदि उसने एक वर्ष  एकांत में बिना किसी से मिले, बातचीत किये एक कमरे में बिता देता है, तो उसे 10 लाख नकद वो देगा। इस बीच, यदि वो शर्त पूरी नहीं करता, तो वो हार जाएगा। पहला मित्र ये शर्त स्वीकार कर लेता है। उसे दूर एक खाली मकान में बं…
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~ संकल्प ~
आज का ज्ञान :- "क्या हुआ ? जबसे आप ऑफिस से लौटे हैं बहुत परेशान लग रहे हैं !" " हाँ मैं परेशान हूँ शकुन, आज भी तुमने बच्चों और मेरा छोड़ा हुआ खाना घर के आगे जानवरों के खाने के लिए डाल रखा था।" "जी हाँ,वो तो मैं रोज़ डालती हूँ। फिर... ?" "जब मैं ऑफिस के लिए निकला त…
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🌷 ज्ञान🌷
आज का ज्ञान :- जो भगवान को याद करते हैं, भगवान भी उन्हीं को याद करते हैं। भगवान उनको याद नहीं करते जो भगवान को याद करने का नाटक करते हैं।  मुश्किलें तो जीवन में आती रहती हैं और सब अपने स्तर पे हल करने की कोशिश करते रहते हैं, परंतु ये मुश्किल भिन्न है, जानलेवा है। इसमें किसी की गलती/लापरवाही का नुकस…
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औलाद की "ख़ुशी"
आज का ज्ञान :- एक बहुत अमीर आदमी था, उसके कई सारे दोस्त थे जैसे की अक्सर होते ही हे पर उसमे से एक दोस्त जो काफी गरीब था, वह उस अमीर आदमी का विश्वासपात्र था। एक दिन अमीर आदमी ने अपने घर पर सभी दोस्तो को खाने का आमंत्रण  दिया, सभी मित्र अमीर आदमी के घर आते है। भोजन के बाद अमीर आदमी को ख्याल आता है कि…
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थोड़ा झुककर विनम्र बनें
आज का ज्ञान :- एक संत अपने शिष्य के साथ जंगल में जा रहे थे। ढलान पर से गुजरते अचानक शिष्य का पैर फिसला और वह तेजी से नीचे की ओर लुढ़कने लगा।  वह खाई में गिरने ही वाला था कि तभी उसके हाथ में बांस का एक पौधा आ गया। उसने बांस के पौधे को मजबूती से पकड़ लिया और वह खाई में गिरने से बच गया।  बांस धनुष की …
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🌹 "कर्म का फल" 🌹
आज का ज्ञान :- मित्रों, इन्सान जैसा कर्म करता है, कुदरत या भगवान वैसा ही उसे लौटा देता है ।। एक बार द्रोपदी सुबह तड़के स्नान करने यमुना घाट पर गयी। तभी उसका ध्यान सहज ही एक साधु की ओर गया जिसके शरीर पर मात्र एक लँगोटी थी। साधु स्नान के पश्चात अपनी दूसरी लँगोटी लेने गया तो वो लँगोटी अचानक हवा के झों…
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*घमंडी का सर नीचा*
आज का ज्ञान :- बहुत समय पहले की बात है, कहीं से एक संत एक गांव में आये, गांव की चारदीवारी के अन्दर एक पीपल के पेड़ के नीचे धूनी रमाकर रहने लगे और भगवान का भजन करने लगे, धीरे-धीरे गांव वाले भी उनकी शरण में आने लगे, गांव वालों ने उनके लिए एक झोपड़ी भी बनवा दी, कुछ ही समय में साधू बाबा मशहूर हो गए, उस…
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क्या सचमुच आत्मा होती है?
आज का ज्ञान :- प्रातः काल का समय था। गुरुकुल में हर दिन की भांति गुरूजी अपने शिष्यों को शिक्षा दे रहे थे। आज का विषय था- “आत्मा” आत्मा के बारे में बताते हुए गुरु जी ने गीता का यह श्लोक बोला – नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।  न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः ।।  अर्थात: आत्मा को न शस्…
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(((( प्रभु पर विश्वास ))))
आज का ज्ञान :- एक आदमी की नई नई शादी हुई और वो अपनी पत्नि के साथ वापिस आ रहे थे ! रास्ते में वो दोनों एक बडी झील को नाव के द्वारा पार कर रहे थे, तभी अचानक एक भयंकर तूफ़ान आ गया !  वो आदमी वीर था लेकिन औरत बहुत डरी हुई थी क्योंकि हालात बिल्कुल खराब थे ! नाव बहुत छोटी थी और तूफ़ान वास्तव में भयंकर था…
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तनाव रहित जीवन
आज का ज्ञान :- पहले बना प्रारब्ध अरु पाछे बना शरीर। तुलसी चिंता छाड़िकै काहे धरै न धीर।। कभी-कभी हम दूसरे व्यक्ति के सुख-संसाधनों को देखकर तनाव पालने लगते हैं। यह तनाव निराधार है; क्योंकि जगत की सम्पत्ति जितनी अधिक बढ़ेगी, अभाव और तनाव भी उसी अनुपात में बढ़ेगा। अधिक पाने से सुख नहीं बढ़ता, वरन् झंझट, क…
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*दिखावा*
आज का ज्ञान :- हम सब केवल दिखावा कर रहे है ! अपनी उपलब्धियाँ, अपने को सर्वोत्तम, अपने विचारो को सर्वश्रेष्ठ, सबसे अधिक अपनत्व, सबसे ज्यादा विद्वान, सबसे अधिक सादगी से रहने वाला, सबसे अधिक धनी होने का दिखावा, तो कोई सबसे ज्यादा व्यस्त, तो कोई सबसे अधिक प्रसिद्ध, कोई-कोई तो ऐसे भी मिलेगे जो सबसे ज्या…
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धर्म को जानिए.......
आज का ज्ञान :- किसी गांव में चार अन्धे रहते थे। एक बार उनके गांव में हाथी आया। उन्होंने पहले कभी हाथी देखा न था, इसलिये उन्हें  भी उत्सुकता हुई कि चलों देखें यह हाथी क्या चीज है। महावत ने दयावश उन्हें हाथी को छूकर देखने की अनुमति दे दी। उन्होंने उस विशालकाय जीव को स्पर्श के द्वारा जानने की भरपूर …
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◆सुखी रहने का तरीका◆
आज का ज्ञान :- एक बार की बात है संत तुकाराम अपने आश्रम में बैठे हुए थे। तभी उनका एक शिष्य, जो स्वाभाव से थोड़ा क्रोधी था उनके समक्ष आया और बोला- गुरूजी, आप कैसे अपना व्यवहार इतना मधुर बनाये रहते हैं, ना आप किसी पे क्रोध करते हैं और ना ही किसी को कुछ भला-बुरा कहते हैं? कृपया अपने इस अच्छे व्यवहार का …
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⭐ असली धन....⭐
आज का ज्ञान :- एक ही धन है इस जगत में, वह परमात्मा है। उसको छोड़कर हम और सब खोजते हैं। इसलिए हम दरिद्र ही बने रहते हैं। इसलिए सब धन भी इकट्ठा हो जाता है, फिर भी कहां तृप्ति, कहां संतोष ! नहीं, सब हो जाता है--बड़े महल बड़ा धन, बड़ी तिजोड़ी, बड़ी प्रतिष्ठा और भीतर? भीतर वैसे के वैसे दरिद्र और भिखमंगे। धन…
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*प्रेम की भाषा*
आज का ज्ञान :-         गाय ने केला देखकर मुँह मोड़ लिया..औरत ने गाय के सामने जाकर फिर उसके मुँह मे केला देना चाहा,  लेकिन ... गाय ने केला नहीं खाया, पर औरत केला खिलाने के लिये पीछे ही पड़ी थी...जब औरत नहीं मानी, तो गाय सींग मारने को हुई. औरत डरकर बिना केला खिलाये चली गयी. औरत के जाने के बाद पास ख…
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'वस्तु का उपयोग'
आज का ज्ञान :- भगवान् बुद्ध के एक अनुयायी ने कहा , ” प्रभु ! मुझे आपसे एक निवेदन करना है .” बुद्ध: बताओ क्या कहना है ? अनुयायी: मेरे वस्त्र पुराने हो चुके हैं. अब ये पहनने लायक नहीं रहे. कृपया मुझे नए वस्त्र देने का कष्ट करें ! बुद्ध ने अनुयायी के वस्त्र देखे, वे सचमुच बिलकुल जीर्ण हो चुके थे और …
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*स्वार्थी रिश्ते*
आज का ज्ञान :- "ये संसार तो बस माया है । सारे रिश्ते मात्र स्वार्थ पर टिके हैं।"---प्रवचन दे रहे थे महात्मा जी --"देखो ! इसी रिश्ते के खातिर लोग झूठ बोलते हैं, पाप करते हैं, इससे कुछ भी हासिल नहीं होता क्योंकि सबमें स्वार्थ भरा है। बस परमात्मा में डूब कर देखो, प्रेम ही प्रेम मिलेगा…
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*हृदय की महानता*
एक नगर में एक होटल था। जिसका मालिक दयालु और सज्जन व्यक्ति था। उसका नाम था लालचंद्र। उसका होटल अच्छी आमदनी देता था। जीवन सुखी से चल रहा था। लालचंद्र की एक विशेषता थी कि वह अपने होटल में आने वाले वह हर विकलांग को मुफ्त भोजन कराता था। कई वर्षों तक यह कार्य निरंतर चलता रहा। वह रोज सुबह चिड़ियों को दाना…
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*मृत्यु*
दस दरवाजे रखे हैं इंद्रियों के पांच कर्मेंद्रियां, पांच ज्ञानेंद्रियां—ये दरवाजे रखे हैं।  इन्हीं दरवाजों से तुम जीवन से संबंध बनाते हो,  और इन्हीं दरवाजों से एक दिन मौत आएगी।  इन्हीं दरवाजों से तुम बाहर जाते हो इन्हीं आंखों से तुम बाहर जाते हो,  इन्हीं हाथों से तुम बाहर टटोलते हो,  स्पर्श करते हो,…
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