रेलवे ट्रैक के पास आग जलाना पड़ सकता है भारी: 5 साल तक की सजा का प्रावधान, प्रशासन की सख्त चेतावनी


लखनऊ, 23 अप्रैल 2026: यात्री सुरक्षा और सुरक्षित रेल संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल प्रशासन ने रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि रेलवे पटरियों के पास आग जलाना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह गंभीर कानूनी अपराध भी है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, ट्रैक और यार्ड के आसपास सूखी घास, पराली, कूड़ा या झाड़ियों में आग लगाना रेल संपत्ति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इससे पटरियों की संरचना, सिग्नलिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे ट्रेन संचालन बाधित होता है और यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ता है। गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाएं तेजी से बढ़ने की आशंका रहती है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

साथ ही, ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने घरों में स्टोव, अंगीठी, चूल्हा या गैस सिलेंडर का उपयोग पूरी सावधानी से करें। रेलवे क्षेत्र के पास किसी भी प्रकार के पटाखे, विस्फोटक या ज्वलनशील पदार्थ का भंडारण न करने की सख्त हिदायत दी गई है।

रेलवे ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति रेलवे ट्रैक या उसके आसपास आग जलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 151 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 5 साल तक की सजा या जुर्माना शामिल है। इसके अलावा, कहीं भी आग लगने की घटना दिखने पर तुरंत नजदीकी रेलवे स्टेशन, आरपीएफ/जीआरपी थाना या हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना देने की अपील की गई है।

जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि सुरक्षित, सुचारु और समयबद्ध रेल संचालन के लिए आम जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। रेलवे प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे रेलवे परिसर और पटरियों के आसपास स्वच्छता बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन कर किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।



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