वाराणसी, 23 अप्रैल 2026: रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन ने ट्रैक के आसपास आगजनी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान तेज कर दिया है। गर्मी के मौसम में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है और किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेल लाइनों के किनारे सूखी घास, पत्तियां या पराली जलाने की घटनाएं कई बार बड़े खतरे का कारण बन जाती हैं। इससे न केवल रेल ट्रैक को नुकसान पहुंचता है, बल्कि ट्रेन संचालन भी बाधित हो सकता है और यात्रियों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि लोग इन खतरों को समझें और जिम्मेदारी निभाएं।
अभियान के तहत यात्रियों से विशेष रूप से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के ज्वलनशील या विस्फोटक पदार्थ अपने साथ न ले जाएं। वहीं, रेल लाइन के आसपास रहने वाले किसानों और स्थानीय निवासियों से भी आग्रह किया गया है कि वे खेतों में बची पराली या सूखी घास को जलाने से बचें, क्योंकि इससे आग फैलने का खतरा बढ़ जाता है और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सभी नागरिकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। जनसम्पर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि रेलवे लगातार निगरानी रख रहा है और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सुरक्षा के प्रति सजग किया जा रहा है।
रेलवे ने आम जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे प्रशासन को दें, ताकि सुरक्षित और सुचारू रेल संचालन सुनिश्चित किया जा सके।


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