शिव विवाह की सजीव झांकी ने मोहा मन, ‘झुक जाओ शिव जी महाराज’ भजन पर झूमे श्रद्धालु; भक्ति गीतों से भक्तिमय हुआ श्रीराम जानकी मंदिर परिसर
बलिया। जिले के हनुमानगंज क्षेत्र के ग्राम छोड़हर (गजियापुर) स्थित श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध कथावाचिका जया किशोरी के श्रीमुख से भागवत कथा का रसपान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से हो रही बारिश और खराब मौसम भी भक्तों की आस्था को डिगा नहीं सके। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होकर कथा का आनंद लिया। कथा के दौरान भजनों की मधुर धुन और जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और ठाकुर जी की आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के प्रतिनिधि हर्ष सिंह ने विधि-विधान से व्यासपीठ का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद कथावाचिका जया किशोरी ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और अटूट विश्वास बनाए रखने के साथ जीवन में सद्कर्म करने की प्रेरणा दी।
जया किशोरी ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में प्रेम, करुणा और सद्भाव को स्थान देना चाहिए। भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक स्वरूप व्यक्ति के आचरण, व्यवहार और दूसरों के प्रति उसके दृष्टिकोण में दिखाई देता है। अच्छे संस्कारों को अपनाना, जरूरतमंदों की सहायता करना और सभी के प्रति सद्भाव रखना भी ईश्वर की सच्ची भक्ति का हिस्सा है। उन्होंने भगवान के स्मरण और सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आध्यात्मिक विचार मनुष्य को जीवन में सही दिशा प्रदान करते हैं। श्रीमद्भागवत की शिक्षाएं व्यक्ति को धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
शिव विवाह की सजीव झांकी ने बांधा समां
कथा के दौरान भगवान शिव के विवाह का प्रसंग विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। जया किशोरी ने शिव विवाह की कथा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए सजीव झांकी के माध्यम से प्रसंग को जीवंत कर दिया। विवाह के दौरान वरमाला के समय ‘झुक जाओ शिव जी महाराज’ भजन की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजन की धुन पर भक्त झूमने लगे और पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा। शिव विवाह के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिक भाव से सराबोर कर दिया।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु, देर तक बना रहा भक्तिमय माहौल
जया किशोरी के प्रवचन के बीच-बीच में प्रस्तुत भक्ति गीतों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनके भजनों पर श्रद्धालु तालियां बजाते और भक्ति भाव में झूमते नजर आए। बारिश के बावजूद कथा स्थल पर भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। कथा के समापन के बाद भी मंदिर परिसर में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन दिखाई दिए। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्तिमय बना हुआ है।
अविनाश तिवारी "गोलू" ✍️





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