मिशन शक्ति फेज-6.0 : महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए पुलिस ने लगाई चौपाल


बालिकाओं को गुड टच-बैड टच की जानकारी, हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं के प्रति किया जागरूक

बलिया। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद में मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत पुलिस द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के निर्देश पर जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में महिला सुरक्षा दलों एवं एंटी रोमियो टीमों द्वारा महिला चौपालों का आयोजन कर महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, सरकारी योजनाओं तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी जा रही है। इस दौरान पुलिस टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में पैदल गश्त और भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया तथा पंपलेट वितरित कर महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।


पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के अनुपालन में सभी थानों पर गठित महिला सुरक्षा दल अपने-अपने बीट क्षेत्रों के विद्यालयों, कस्बों, गांवों और ग्राम पंचायतों में पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद कर रहे हैं। महिला चौपालों के माध्यम से उन्हें आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता, महिला अधिकारों और समाज में सम्मानजनक स्थान सुनिश्चित करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस टीमों ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने आत्मसम्मान और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करें तथा किसी समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय पुलिस की सहायता लें। महिला सुरक्षा दलों ने महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके हित में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।


अभियान के तहत बालिकाओं को गुड टच और बैड टच के बारे में विस्तार से समझाया गया। उन्हें बताया गया कि यदि कोई परिचित या अपरिचित व्यक्ति उन्हें गलत तरीके से छूने का प्रयास करता है अथवा उसके व्यवहार से असहजता महसूस होती है, तो वे तत्काल वहां से हटकर अपने अभिभावक, शिक्षिका या पुलिस को इसकी जानकारी दें। पुलिस ने बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और किसी भी अप्रिय घटना को छिपाने के बजाय समय रहते शिकायत करने के लिए प्रेरित किया, ताकि संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।


जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय एंटी रोमियो टीमों ने प्रमुख मंदिरों, बाजारों, चौराहों, शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटरों, पार्कों और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर भ्रमण कर महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक किया। टीमों ने उन्हें बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़खानी, पीछा करने, अभद्र व्यवहार या उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करें। सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रूप से घूम रहे संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है तथा आवश्यकतानुसार चेतावनी भी दी जा रही है।



महिला सुरक्षा दलों ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए भी जरूरी सुझाव दिए। बालिकाओं और महिलाओं को सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने, अपनी निजी जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा न करने तथा संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन प्रलोभनों से दूर रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। वहीं, छेड़खानी या किसी अन्य आपात स्थिति में डायल 112 अथवा संबंधित मिशन शक्ति टीम से संपर्क किया जा सकता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


अभियान के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए पंपलेट वितरित किए गए। इनमें वीमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपात सेवा 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, स्वास्थ्य सेवा 102, एंबुलेंस सेवा 108 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। पुलिस टीमों ने इन नंबरों का जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करने और अन्य महिलाओं को भी इनके प्रति जागरूक करने की अपील की।


इसके अतिरिक्त महिलाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, राष्ट्रीय पोषण मिशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस का उद्देश्य पात्र महिलाओं एवं बालिकाओं को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना है।


जनपद बलिया पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत चलाया जा रहा यह जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, अपराधों की रोकथाम करने तथा समाज में महिला सम्मान और सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पुलिस ने आमजन से भी अभियान में सहयोग करने और महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।