बलिया : जेपी और चंद्रशेखर के सपनों का भारत बनाने के लिए उनके विचारों को अपनाना जरूरी


कुमार प्रशांत बोले—सत्ता से बड़ा जनहित, जेपी के आदर्श आज भी प्रासंगिक

बलिया। सत्ता से अधिक महत्वपूर्ण जनहित और लोकतांत्रिक मूल्य हैं। व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर समाज के लिए अपने आप को उत्सर्ग कर देना ही सच्ची देशभक्ति है । ये प्रेरणा हमें जयप्रकाश नारायण से मिलती है। उक्त बातें गांधी शांति प्रतिष्ठान दिल्ली के अध्यक्ष कुमार प्रशांत ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के  125वें जयंती वर्ष के आरम्भ होने पर कही। 


11 अक्टूबर को जयप्रकाश नगर में जयप्रकाश नारायण ट्रस्ट द्वारा  भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 125वें  जयंती वर्ष और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सौवें जयंती वर्ष के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में 'लोकनायक जयप्रकाश और जननायक चन्द्रशेखर के सपनों का भारत' विषयक विचार-गोष्ठी में बोलते हुए कुमार प्रशांत ने कहा कि आप दुनिया का कोई पद पा सकते हैं लेकिन लोक नायक तो जयप्रकाश नारायण ही हो सकते हैं। 


जयप्रकाश नारायण ने देश को राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक व आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने का सपना देखा था।विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रोफेसर के के सिंह ने कहा कि जयप्रकाश नारायण और चंद्रशेखर की सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि बहुत व्यापक थी। इन दोनों विभूतियों ने समाज के निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए अपना पूरा जीवन अर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जी जयप्रकाश नारायण को अपना गुरु और आदर्श मानते थे। वर्तमान समय में समाज को बेहतर बनाने के लिए उन दोनों विभूतियों के विचारों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। चंद्रशेखर जी के सहयोगी राणा सिंह ने चंद्रशेखर जी के साथ बिताए गए पल को याद कर सबको भावुक कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव ने किया। 


कार्यक्रम में जयप्रभा चन्द्रशेखर महाविद्यालय व जयप्रकाश नारायण ग्रामोद्योग प्रशिक्षण संस्थान के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक व सामाजिक संस्था संकल्प के रंगकर्मियों ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण व जननायक चन्द्रशेखर के ऊपर कार्यक्रम प्रस्तुत किए।


अतिथियों का स्वागत विधान परिषद के सदस्य रविशंकर सिंह पप्पू ने और आभार राज्य सभा सांसद नीरज शेखर ने किया।