हिंदी के प्रसार और उत्थान पर हुई सार्थक भेंटवार्ता, ‘गद्य और पद्य के मार्मिक सर्जक राजेश कुमार सिंह श्रेयस’ कृति का लोकार्पण
लखनऊ, 13 सितंबर। युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच उत्तर प्रदेश इकाई के अंतर्गत शोधपरक गतिविधियों का संचालन करने वाले पटल ‘श्रेयस साहित्य शोध केंद्र, लखनऊ’ के तत्वावधान में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर ‘हिंदी भाषा : भारतीय आत्मा की भाषा’ विषय पर भेंटवार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी एवं आध्यात्म के विद्वान साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। वार्ताकार एवं मंच के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ‘श्रेयस’ ने डॉ. उपाध्याय से हिंदी भाषा के प्रसार, विकास एवं उत्थान से जुड़े विभिन्न प्रश्न किए, जिनका उन्होंने सारगर्भित उत्तर दिया।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जयप्रकाश तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में साहित्यिक चिंतक वरुण पाठक तथा आध्यात्मिक काव्य साहित्य में गहरी पकड़ रखने वाले गीतकार डॉ. अवधी हरि विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजेश ‘श्रेयस’ ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा मंच के कोषाध्यक्ष राम स्नेही विश्वकर्मा ‘सजल’ की सरस्वती वंदना से हुआ। मंच के महासचिव नंदकिशोर वर्मा ‘जलदूत’ ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर अतिथियों को अंगवस्त्र एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में हिंदी साहित्यकार पवन बख्शी (हिमाचल प्रदेश) द्वारा राजेश कुमार सिंह ‘श्रेयस’ के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर आधारित संपादित पुस्तक ‘गद्य और पद्य के मार्मिक सर्जक राजेश कुमार सिंह श्रेयस’ का लोकार्पण किया गया। साहित्यिक जगत में श्री श्रेयस के रचनात्मक योगदान और व्यक्तित्व पर केंद्रित इस कृति को कार्यक्रम में विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
मंच के संप्रेक्षक अनिल कुमार सचान ने कहा कि हिंदी भाषा के उत्थान के लिए देश के विभिन्न शिक्षा बोर्डों के अंतर्गत संचालित शिक्षण संस्थानों में हिंदी को केवल एक विषय के रूप में पढ़ाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हिंदी को भारतीय आत्मा की भाषा के रूप में स्वीकार करते हुए बच्चों में इसके प्रति प्रेम, आकर्षण और अपनत्व की भावना पैदा करने की आवश्यकता है। नई पीढ़ी को हिंदी की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर ही भाषा को और व्यापक बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच के पदाधिकारी अवनीश कुमार शर्मा, श्रेष्ठ साहित्यकार ज्योति रतन किरण, मुकेश कुमार मिश्र सहित महेश चन्द्र पाण्डेय, राहुल पाण्डेय, नीलकमल सिंह, अवनीश सिंह एवं अन्य गणमान्य साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया। अंत में मंच के मीडिया प्रभारी रामराज भारती ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।




