बलिया : सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक में डीएम सख्त, कई विभागों को लगाई कड़ी फटकार*


बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को विकास भवन सभागार में सीएम डैशबोर्ड की प्रगति को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न योजनाओं और विभागों की रैंकिंग पर चर्चा करते हुए डीएम ने अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने के कड़े निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, ग्राम्य विकास विभाग, मुख्यमंत्री आवास योजना, फैमिली आईडी, पंचायती राज विभाग और पर्यटन विभाग को ‘बी’ रैंकिंग मिली है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यों में सुधार करते हुए जल्द से जल्द ‘ए’ रैंकिंग हासिल करें। वहीं, जननी सुरक्षा योजना को ‘सी’ रैंकिंग मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे ‘ए’ श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को ‘डी’ रैंकिंग मिलने पर उन्होंने विशेष असंतोष व्यक्त किया और विभाग से पूरा डेटा तत्काल उपलब्ध कराने को कहा। जिला विद्यालय निरीक्षक विभाग को ‘बी’ रैंकिंग मिलने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि जनपद के 9 विद्यालयों में कार्य में लापरवाही पाई गई है, जिस पर संबंधित कार्यदायी संस्था ‘आवास विकास प्रोजेक्ट अलंकार’ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं को मार्च माह में स्वीकृति मिल चुकी है, उनका कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

*आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार*

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई विभाग शिकायतकर्ताओं से फीडबैक स्थापित नहीं कर रहे हैं और पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण भी नहीं किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश दिए कि आईजीआरएस पोर्टल पर सभी शिकायतों का सही और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निस्तारण आख्या पोर्टल पर पूरी पारदर्शिता के साथ अपलोड की जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण से पहले शिकायतकर्ता से सीधे संवाद स्थापित किया जाए, ताकि समस्याओं का वास्तविक समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय शिकायतों का प्रभावी और संतोषजनक समाधान किया जाना आवश्यक है। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।



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