योगी कैबिनेट के 27 बड़े फैसले : नई ट्रांसफर नीति लागू, कर्मचारियों को राहत, विकास योजनाओं को मिली रफ्तार


31 मई तक होंगे तबादले पूरे, सोलर प्लांट, टेक्सटाइल पार्क और ड्रीम स्किल लैब्स जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में 27 महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए नई स्थानांतरण नीति लागू करने के साथ-साथ कई विकास योजनाओं को भी हरी झंडी दी गई, जिससे लाखों राज्यकर्मचारियों और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में सभी स्थानांतरण 31 मई 2026 तक पूरे कर लिए जाएंगे। नई नीति के तहत जिले में तीन वर्ष और मंडल में सात वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों का तबादला किया जाएगा। साथ ही दंपत्ति कर्मचारियों को एक ही स्थान पर तैनाती देने, दिव्यांग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों को राहत देने का भी प्रावधान किया गया है।

कैबिनेट ने “एक जनपद, एक व्यंजन” योजना को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग को बेहतर बनाया जाएगा। इस योजना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणा स्थल पर विशेष व्यंजन महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए जालौन में 500 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में बढ़ते उद्योगों को देखते हुए 400-220 केवीए पावर स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिस पर 653 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

युवा और शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 150 राजकीय विद्यालयों में ड्रीम स्किल लैब्स स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना में 68 प्रतिशत निवेश नेल्को और 32 प्रतिशत राज्य सरकार करेगी। पहले चरण में 18 मंडल मुख्यालयों पर लैब्स स्थापित होंगी।

प्रदेश में हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए 147 करोड़ रुपये की लागत से वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा, जिसमें 30 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा हर जिले में विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है।

औद्योगिक विकास को गति देने के लिए वाराणसी सहित कई जिलों में टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे। अमरोहा, बरेली, संतकबीर नगर और बिजनौर की बंद कताई मिलों की जमीन का उपयोग इस उद्देश्य के लिए किया जाएगा।

लखनऊ में आउटर रिंग रोड से रैथा अंडरपास को जोड़ने के लिए 546 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण भी किया जाएगा।

कैबिनेट बैठक से पहले पश्चिम बंगाल में मिली राजनीतिक सफलता को लेकर मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को मिठाई खिलाकर बधाई दी, जिस पर मुख्यमंत्री ने भी सभी को शुभकामनाएं दीं।

यह कैबिनेट बैठक प्रशासनिक सुधार, कर्मचारियों के हित और विकास परियोजनाओं को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।



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