प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मंडल चिकित्सालय लहरतारा में जागरूकता सेमिनार आयोजित


वाराणसी, 20 मई 2026। भारतीय रेलवे प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राष्ट्रव्यापी क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.जे. चौधुरी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर रेलवे मंडल चिकित्सालय, लहरतारा में कर्मचारियों के लिए टीबी जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया।

सेमिनार में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.जे. चौधुरी, अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.आर. सिंह, डॉ. नीरज, डॉ. कल्पना दूबे, डॉ. ए.के. सिंह, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.वी. अमरनाथ, डॉ. ममता सिंह सहित मंडल चिकित्सालय के सभी चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे।


इस अवसर पर मुख्य वक्ता वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.वी. अमरनाथ ने कहा कि टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित कर सकती है, हालांकि फेफड़ों की टीबी सबसे सामान्य प्रकार है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी खांसी और छींक के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। एड्स, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित तथा कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में टीबी का खतरा अधिक रहता है।

उन्होंने बताया कि टीबी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है — लेटेंट टीबी और सक्रिय टीबी। समय पर जांच और सावधानियों के माध्यम से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। टीबी की पहचान के लिए टीबी स्किन टेस्ट और टीबी ब्लड टेस्ट का उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को मास्क पहनना चाहिए तथा खुले में थूकने से बचना चाहिए, ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले।

डॉ. अमरनाथ ने बताया कि नियमित एवं पूर्ण उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। इसके लिए मरीजों को लगभग छह माह तक एंटीबायोटिक दवाओं का कोर्स पूरा करना आवश्यक होता है।

सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.जे. चौधुरी ने कहा कि रेलवे अस्पतालों एवं हेल्थ यूनिट्स में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत टीबी की मुफ्त जांच और उच्च गुणवत्ता वाला निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे कॉलोनियों एवं यात्रियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कर्मचारियों को नियमित स्वास्थ्य जांच एवं संतुलित आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान भारत सरकार द्वारा 9 सितंबर 2022 को शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है। उन्होंने लोगों से खुले में न थूकने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि इससे टीबी संक्रमण की रोकथाम में मदद मिलेगी। उक्त जानकारी जनसम्पर्क अधिकारी वाराणसी अशोक कुमार ने दी।



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