अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस : ज्ञान से सशक्त समाज, उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम


हर वर्ष 24 जनवरी को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाया जाता है। यह दिवस शिक्षा के उस महत्व को रेखांकित करता है, जो व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा घोषित यह दिवस इस बात का प्रतीक है कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समानता, शांति, विकास और मानव मूल्यों को सुदृढ़ करने की सबसे प्रभावी शक्ति है।

शिक्षा मानव जीवन का प्रकाश स्तंभ है, जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर विवेक, तर्क और संवेदनशीलता का विकास करती है। एक शिक्षित व्यक्ति न केवल अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। शिक्षा से ही सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन, आर्थिक आत्मनिर्भरता और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती संभव है।

आज के युग में शिक्षा का स्वरूप निरंतर बदल रहा है। डिजिटल तकनीक, ऑनलाइन शिक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार आधारित अध्ययन पद्धतियों ने शिक्षा को अधिक व्यापक और सुलभ बनाया है। इसके बावजूद दुनिया के अनेक हिस्सों में आज भी लाखों बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। गरीबी, असमानता, लैंगिक भेदभाव और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां आज भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मार्ग में बाधा बनी हुई हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस हमें यह सोचने पर विवश करता है कि शिक्षा सबके लिए सुलभ और समान कैसे बने।

भारत जैसे युवा देश के लिए शिक्षा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। नई शिक्षा नीति 2020 ने कौशल आधारित, मूल्यपरक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर जोर देकर भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दिशा प्रदान की है। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिकों का निर्माण करना है, जो नैतिक, जिम्मेदार और सामाजिक रूप से संवेदनशील हों।

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस हमें यह संदेश देता है कि शिक्षा में किया गया निवेश ही सबसे सुरक्षित और स्थायी निवेश है। एक शिक्षित समाज ही गरीबी, बेरोजगारी, हिंसा और असमानता जैसी समस्याओं से प्रभावी रूप से मुकाबला कर सकता है। आइए, इस अवसर पर हम यह संकल्प लें कि शिक्षा को हर बच्चे तक पहुँचाने, शिक्षकों का सम्मान बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

शिक्षा से ही सशक्त व्यक्ति, समृद्ध समाज और उज्ज्वल राष्ट्र का निर्माण संभव है—यही अंतरराष्ट्रीय शिक्षा दिवस का मूल संदेश है।

परिवर्तन चक्र समाचार सेवा ✍️ 



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