आरटीई के तहत सत्र 2026-27 में निजी विद्यालयों में 25% सीटों पर प्रवेश की समय-सारिणी जारी


जिलाधिकारी को संबोधित पत्र के माध्यम से निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12 (1) (ग) के अन्तर्गत शैक्षिक सत्र 2026-27 में अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को निजी, गैर-सहायतित मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा-1/पूर्व प्राथमिक कक्षा में 25 प्रतिशत सीटों पर ऑनलाइन प्रवेश दिए जाने की विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी गई है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार शासनादेश संख्या 10/अड़सठ-3-2026, दिनांक 08 जनवरी 2026 के क्रम में ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन, लॉटरी तथा नामांकन की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूर्ण कराया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया तीन चरणों में सम्पन्न होगी, जिसमें फरवरी से मार्च 2026 के बीच आवेदन, सत्यापन और लॉटरी की कार्यवाही पूरी की जाएगी, जबकि आवंटित बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन 11 अप्रैल 2026 तक सुनिश्चित कराया जाएगा।

निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जनपद के समस्त गैर-सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रारम्भिक कक्षाओं की कुल क्षमता के सापेक्ष न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों की शत-प्रतिशत मैपिंग एवं रजिस्ट्रेशन पूर्व में ही पूर्ण कर ली जाए। साथ ही प्रचार-प्रसार, आवेदनों के सत्यापन एवं विद्यालय आवंटन के बाद नामांकन सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉकवार नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।

अभिभावकों की सुविधा के लिए जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, ब्लॉक कार्यालयों सहित विभिन्न स्थानों पर आरटीई हेल्पडेस्क स्थापित की जाएंगी, जहां ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ अभिभावकों को सहायता प्रदान की जाएगी। जन्म प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, निवास, जाति एवं दिव्यांग प्रमाण-पत्र से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के भी निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से पात्र अभिभावकों तक जानकारी पहुंचाने, विकास खण्डवार नामांकन लक्ष्य निर्धारित करने तथा आधार संख्या एवं आधार लिंक बैंक खाते की अनिवार्यता के प्रति जन-जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया गया है। योजना के प्रचार-प्रसार पर होने वाला समस्त व्यय जनपद स्तर पर डीपीओ मैनेजमेंट फंड से वहन किया जाएगा।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जिलाधिकारी से अपेक्षा की है कि आरटीई 12 (1) (ग) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तर पर अन्तरविभागीय समन्वय स्थापित कर व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए, जिससे सत्र 2026-27 में अधिक से अधिक पात्र बच्चों को शिक्षा का लाभ मिल सके।




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