बलिया। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के तत्वावधान में मां सुरसरी सेवा संस्थान कथरिया द्वारा कृषि क्षेत्र संवर्धन निधि के अंतर्गत आन साइड डेमोंसट्रेशन ऑफ मेडिसिनल प्लांट्स हल्दी और पिपरमिंट पर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को कथरिया गांव के प्राथमिक विद्यालय पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ से आये नाबार्ड के उप महाप्रबंधक एस श्रीनाथ ने उपस्थित सभी किसानों को प्रोत्साहित करते हुए उनके लग्न की भूरी भूरी प्रशंसा की तथा उम्मीद जताई कि जो यह परियोजना के माध्यम से पिपरमिंट और हल्दी की खेती कर रहे हैं तथा अन्य किसानों के लिए प्रेरणा देने का कार्य उनके द्वारा किया जा रहा है निश्चित ही सराहनीय है। साथ ही मुख्य अतिथि द्वारा परियोजना के अंतर्गत लगाई गई पिपरमिंट के प्लांट का अवलोकन किया तथा खुशी व्यक्त की। साथ ही हल्दी के पौधे तथा उनके उत्पाद को देखकर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसान हित में जो भी संस्था के माध्यम से प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे उनको नाबार्ड के माध्यम से संचालित कराने का कार्य किया जाएगा। साथ ही उन्होंने संस्था को आवश्यक निर्देश देते हुए चयनित किसानों को भविष्य में देश में जहां भी परियोजना से संबंधित और नई योजनाएं चल रही हैं उनको दिखाने का वह तकनीकी ज्ञान एक दूसरे में साझा कर सकें, ऐसी योजना बनाने के लिए निर्देशित किया। जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड अखिलेश कुमार झा ने परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां प्रदान की तथा उन्होंने बताया कि पिपरमेंट की खेती इतने बड़े पैमाने पर ब्लॉक में पहली बार किया गया है। मां सुरसरी सेवा संस्थान कथरिया के सचिव सुधीर कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उनके द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राज नारायण सिंह ने तथा अध्यक्षता ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरनाथ सिंह ने किया।
इस अवसर पर चयनित सभी पांच गांव के किसानों के साथ साथ रामनाथ सिंह, वीर बहादुर सिंह, उमाशंकर सिंह, शिवकुमार राजभर, जवाहर राजभर, वेद प्रकाश सिंह, संतोष कुमार, भोला नाथ यादव, अशोक गुप्ता, प्रभुनाथ राजभर, कमलेश उपाध्याय के साथ ही सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
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