नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों पर कसेगा शिकंजा, बलिया में एंटी फ्रॉड सेल गठित


शिकायतों की जांच 15 दिन में होगी पूरी, एसपी डॉ. ईरज राजा ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

बलिया। नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों और आम लोगों से ठगी करने वालों के खिलाफ अब बलिया पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। सरकारी और निजी भर्तियों में नौकरी दिलाने, भर्ती प्रक्रिया में काम आसान कराने तथा अन्य संगठित आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने जनपद स्तर पर एंटी फ्रॉड सेल का गठन किया है। इस सेल के माध्यम से ठगी से संबंधित शिकायतों की निगरानी, जांच की गुणवत्ता की समीक्षा और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, जनपद में नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर, सरकारी एवं निजी भर्तियों में काम कराने के नाम पर तथा अन्य तरीकों से लोगों को गुमराह कर ठगी करने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई बार पीड़ित जटिल प्रक्रिया या अन्य कारणों से पुलिस तक शिकायत नहीं पहुंचा पाते, जबकि कुछ मामलों में शिकायत मिलने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से पीड़ितों का भरोसा प्रभावित होता है। ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से एंटी फ्रॉड सेल गठित किया गया है।

एंटी फ्रॉड सेल में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला को नोडल अधिकारी बनाया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा, क्षेत्राधिकारी नगर सतीश कुमार शर्मा तथा प्रभारी डीसीआरबी को सदस्य नामित किया गया है। सेल के दायरे में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने, सरकारी और निजी भर्तियों में काम कराने के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत आने वाले अन्य संगठित धोखाधड़ी के मामले शामिल होंगे। विशेष रूप से पांच लाख रुपये से अधिक की संपत्ति से संबंधित संगठित ठगी के मामलों पर भी निगरानी रखी जाएगी।

एसपी के निर्देशानुसार, जनपद और थानों पर प्राप्त होने वाली ऐसी सभी शिकायतों को अलग से चिह्नित कर एंटी फ्रॉड सेल को भेजा जाएगा। सेल में शिकायतों के व्यवस्थित अभिलेखीकरण के लिए रजिस्टर तैयार कराया जाएगा, जिसमें प्रत्येक प्रकरण की स्थिति, अब तक की गई कार्रवाई और आगे की विधिक प्रक्रिया का विवरण दर्ज रहेगा। शिकायत प्राप्त होने के बाद उसे जांच के लिए संबंधित क्षेत्राधिकारी को भेजा जाएगा। क्षेत्राधिकारी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच पूरी कर प्रकरण के निस्तारण की कार्रवाई करेंगे तथा आवश्यकता के अनुसार संयुक्त निदेशक अभियोजन से विधिक राय लेकर अभियोग पंजीकृत करने और आगे की कानूनी कार्रवाई के संबंध में अपनी आख्या सेल को उपलब्ध कराएंगे।

पुलिस अधीक्षक ने इन मामलों में समयबद्ध जांच को विशेष प्राथमिकता दी है। निर्देश दिया गया है कि संबंधित शिकायतों की जांच अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूरी की जाए। एंटी फ्रॉड सेल प्रत्येक सप्ताह बैठक कर प्रकरणों की समीक्षा करेगा और कार्यवाही का विवरण तैयार करेगा। इसके साथ ही थानों और संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की क्रॉस चेकिंग भी की जाएगी, ताकि जांच की गुणवत्ता बनी रहे और किसी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। प्रत्येक मामले की अद्यतन स्थिति से एसपी को अवगत कराया जाएगा तथा आगे की कार्रवाई के संबंध में अंतिम निर्णय उनके स्तर से लिया जाएगा।

एसपी डॉ. ईरज राजा ने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि नौकरी के नाम पर ठगी और संगठित धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूरी निष्ठा के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने या कर्तव्यों के प्रति उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस पहल से नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसने, पीड़ितों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई को गति मिलने की उम्मीद है।