खनवर से बलिया गंगाघाट तक उमड़ा अभूतपूर्व जनसैलाब, सत्ता-विपक्ष, प्रशासन और आमजन ने एक स्वर में दी श्रद्धांजलि; पूरे मार्ग पर हुई पुष्पवर्षा
बलिया। बागी बलिया की धरती ने शुक्रवार को अपने एक लोकप्रिय जननेता को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा में ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसने यह साबित कर दिया कि जनसेवा और सरल व्यक्तित्व किसी भी राजनीतिक सीमा से कहीं बड़ा होता है। खनवर से लेकर बलिया गंगा घाट तक हजारों लोगों की मौजूदगी इस बात की गवाह बनी कि उमाशंकर सिंह केवल एक विधायक नहीं, बल्कि जनता के दिलों में बसने वाले जनप्रिय नेता थे।
शुक्रवार सुबह खनवर स्थित आवास से उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, लोगों का कारवां बढ़ता गया। बछईपुर, सलेमपुर, चोगड़ा, कुकुरहा, हजौली, चिलकहर और बलिया शहर के प्रमुख मार्गों पर हजारों की संख्या में लोग सड़क के दोनों ओर खड़े होकर अपने प्रिय नेता को अंतिम श्रद्धांजलि देते रहे। अनेक स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर उन्हें भावभीनी विदाई दी। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखें नम थीं और वातावरण पूरी तरह शोकमय बना रहा।
अंतिम यात्रा में सत्ता और विपक्ष के अनेक जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि उमाशंकर सिंह ने अपने व्यवहार, जनसेवा और सहज व्यक्तित्व से हर वर्ग का विश्वास और स्नेह अर्जित किया था।
इस दौरान विधायक के अनुज रमेश सिंह और पुत्र प्रिंस युकेश सिंह बेहद भावुक दिखाई दिए। दोनों की आंखों से बहते आंसुओं ने उपस्थित लोगों को भी भावुक कर दिया। हजारों की भीड़ लगातार परिवार को ढांढस बंधाती रही और यह संदेश देती रही कि पूरे क्षेत्र की जनता इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
गंगा घाट स्थित अंतिम संस्कार स्थल पर राजकीय सम्मान एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। पुलिस जवानों ने उन्हें सलामी देकर अंतिम सम्मान दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात की व्यापक व्यवस्था की गई, जिससे अंतिम यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी।
डीएम और एसपी ने दी श्रद्धांजलि
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने शुक्रवार सुबह खनवर स्थित आवास पहुंचकर दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। दोनों अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें ढांढस बंधाया। वहीं, उपजिलाधिकारी रणधीर सिंह की मौजूदगी में पुलिस जवानों ने राजकीय सम्मान के साथ दिवंगत विधायक को सलामी दी।
उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा ने यह संदेश भी दिया कि सच्ची जनसेवा करने वाले व्यक्ति का सम्मान किसी दल या विचारधारा तक सीमित नहीं रहता। जनता का प्रेम ही किसी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पूंजी होता है, और शुक्रवार को बलिया की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब उसी अमिट जनविश्वास और सम्मान का जीवंत प्रमाण बन गया।

