बलिया : भोजपुरवा में घाघरा का खतरा, डीएम ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

 


*कटान से उजड़े स्कूल की जगह बनेगा नया विद्यालय, डीएम ने दिया आश्वासन*

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को विकास खंड मनियर के ग्राम भोजपुरवा पहुंचकर घाघरा नदी से हो रहे कटान का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर कटान की स्थिति और उससे उत्पन्न समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली।


ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि वर्ष 2002 में घाघरा नदी के कटान से गांव स्थित पूर्व माध्यमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय नदी में समाहित हो गए थे। उस समय दोनों विद्यालयों में करीब 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत थे। वर्तमान में पंचायत भवन में अस्थायी रूप से कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जहां लगभग 50 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नए विद्यालय के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि जल्द ही नए विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव की करीब 25 वर्ष पुरानी पानी की टंकी भी अब घाघरा नदी में समाहित होने की आशंका बनी हुई है। 

जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि नई पानी की टंकी का निर्माण शीघ्र कराया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व टिगुनिया गांव भी घाघरा नदी में समाहित हो गया था, जिसके बाद वहां के विस्थापित परिवारों को ग्राम सुल्तानपुर में बसाया गया। ग्रामीणों ने गांव में दो सोलर लाइट लगाने की मांग भी रखी। इस पर जिलाधिकारी ने सोलर की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।


जिलाधिकारी ने बताया कि घाघरा नदी से लगभग 500 मीटर की दूरी तक गांव बसे हुए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समय रहते सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।



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