यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले, बलिया को मिले नए सीडीओ


लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 20 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस फेरबदल के तहत कई महत्वपूर्ण विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है, वहीं कई जिलों में नए मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) की नियुक्ति भी की गई है। चिकित्सा शिक्षा, संस्कृति, श्रम, ग्रामीण आजीविका मिशन, ऊर्जा, राजस्व, वन तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार जैसे प्रमुख विभागों में भी बदलाव किए गए हैं।

जारी तबादला सूची के अनुसार आईएएस आलोक कुमार को बलिया का नया मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बनाया गया है। वहीं राकेश कुमार पटेल को आजमगढ़ तथा संजय कुमार सिंह को इटावा का मुख्य विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है।

शासन के आदेश के मुताबिक आईएएस सुधा वर्मा को उत्तर प्रदेश का श्रमायुक्त, डॉ. सारिका मोहन को महानिदेशक नियोजन तथा नेहा शर्मा को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अरविंद कुमार को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का मिशन निदेशक बनाया गया है।

इसके अलावा जे. रीभा को अपर निदेशक मुद्रण एवं लेखन सामग्री का अतिरिक्त प्रभार, दीपा रंजन को विशेष सचिव संस्कृति विभाग, संजय कुमार सिंह-1 को निदेशक धर्मार्थ के साथ निदेशक संस्कृति का अतिरिक्त प्रभार तथा विशाल सिंह को विशेष सचिव संस्कृति विभाग एवं निदेशक संस्कृति का दायित्व दिया गया है।

निधि कुमारी और रेनू तिवारी को विशेष सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, संदीप भागिया को प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, अमित खत्री को अपर आयुक्त राज्य कर गौतमबुद्ध नगर तथा अजय कुमार गौतम को अपर आयुक्त राज्य कर गाजियाबाद प्रथम बनाया गया है।

इसी क्रम में जग प्रवेश को विशेष सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, ओजस्वी राज को नगर आयुक्त मथुरा-वृंदावन नगर निगम, मनिकन्दन ए. को अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद तथा डॉ. वंदना वर्मा को विशेष सचिव चीनी एवं गन्ना विभाग के साथ यूपी सहकारी चीनी मिल संघ लिमिटेड में संयुक्त प्रबंध निदेशक (जेएमडी) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

प्रदेश सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और विभागीय कार्यों में गति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ विकास कार्यों में और तेजी आएगी।





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