बलिया : सरप्लस शिक्षकों की सूची पर प्राथमिक शिक्षक संघ ने उठाए सवाल, संशोधन न होने पर आंदोलन की चेतावनी


बलिया। जनपद में जारी सरप्लस शिक्षकों की सूची को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ा विरोध जताया है। प्राथमिक शिक्षक संघ, बलिया के महामंत्री समरजीत बहादुर सिंह ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि विभाग द्वारा अप्रैल माह की छात्र संख्या के आधार पर सरप्लस शिक्षकों का निर्धारण किया गया है, जबकि यह शासन की मंशा और नियमों के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष नया शैक्षिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू होता है और शासन ने विद्यालयों में नामांकन की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक निर्धारित की है। ऐसे में केवल अप्रैल माह के नामांकन के आधार पर शिक्षकों को सरप्लस घोषित करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि कई विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ने के बाद भी वास्तविक आंकड़ों को नजरअंदाज किया गया।

महामंत्री ने आरोप लगाया कि जिन विद्यालयों में 150 से अधिक छात्र संख्या के आधार पर प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत है, वहां भी बिना किसी वैधानिक आधार के पदों को घटाकर सरप्लस की सूची में शामिल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मई माह में प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों द्वारा वास्तविक छात्र संख्या के संबंध में विभाग को शिकायती पत्र भी दिया गया था, लेकिन उसका निस्तारण नहीं किया गया।

समरजीत बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षकों के समायोजन में उनके नियुक्ति विषय को आधार बनाया जाना चाहिए। विज्ञान विषय के शिक्षक को सामाजिक विज्ञान अथवा अन्य विषय का शिक्षक मानकर समायोजित करना नियमसम्मत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यालय स्तर पर मनमाने ढंग से सूची तैयार कर भेजी गई है, जिससे शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है।

उन्होंने मांग की कि सरप्लस शिक्षकों की सूची का पुनरीक्षण कर वास्तविक छात्र संख्या एवं विषयवार नियुक्ति के आधार पर संशोधन किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन विसंगतियों का समाधान नहीं किया गया तो प्राथमिक शिक्षक संघ आंदोलन करने के लिए विवश होगा।



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