बलिया : जेएनसीयू का अष्टम् दीक्षान्त समारोह 29 जुलाई को, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में शिक्षा का महाकुंभ


19,197 विद्यार्थियों को मिलेगी उपाधि, 44 मेधावियों को स्वर्ण पदक; पहली बार दिया जाएगा डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल स्मृति स्वर्ण पदक, पीएचडी के 30 शोधार्थी भी होंगे सम्मानित

बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू) 29 जुलाई को अपने शैक्षणिक इतिहास के एक और स्वर्णिम अध्याय का साक्षी बनने जा रहा है। विश्वविद्यालय का अष्टम् दीक्षान्त समारोह भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित होगा, जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। समारोह में हजारों विद्यार्थियों के वर्षों के परिश्रम को सम्मान मिलेगा और शिक्षा, शोध तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

समारोह के मुख्य अतिथि देश के विख्यात कृषि वैज्ञानिक एवं पद्मश्री (डॉ.) अशोक कुमार सिंह, पूर्व निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली होंगे। चावल की उन्नत प्रजातियों के विकास और कृषि अनुसंधान में उनके उल्लेखनीय योगदान ने उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाई है। वे दीक्षान्त समारोह में विद्यार्थियों को प्रेरणादायी दीक्षोपदेश देंगे।

इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

दीक्षान्त समारोह में इस वर्ष कुल 19,197 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। इनमें स्नातक के 13,261, परास्नातक के 5,936 तथा 30 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी। यह समारोह हजारों विद्यार्थियों के सपनों के साकार होने का ऐतिहासिक क्षण होगा।

मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की परंपरा के तहत इस बार 44 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें 35 छात्राएँ और 9 छात्र शामिल हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की बढ़ती सफलता का सशक्त प्रमाण है।

एमएससी रसायन विज्ञान की प्रतिभाशाली छात्रा नंदिनी वर्मा को विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर प्रतिष्ठित कुलाधिपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार स्थापित 'डॉ. काशी प्रसाद जायसवाल स्मृति स्वर्ण पदक' प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की छात्रा विनीता सिंह को प्रदान किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं में एक नई और गौरवपूर्ण शुरुआत मानी जा रही है।

दीक्षान्त समारोह केवल उपाधि वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों का भी संदेश देगा। कुलाधिपति के निर्देशानुसार आयोजित दीक्षोत्सव के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर, प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में निबंध, काव्य लेखन, चित्रकला सहित अनेक प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इनके विजेताओं को स्वयं राज्यपाल सम्मानित करेंगी।

समारोह के दौरान 200 आंगनबाड़ी किट भी वितरित की जाएंगी, जिनमें 100 किट जिला प्रशासन तथा 100 किट विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी टीकाकरण कराया जाएगा तथा टीकाकरण पूर्ण करने वाली बालिकाओं को राज्यपाल स्वयं प्रमाणपत्र प्रदान करेंगी। यह पहल महिला स्वास्थ्य, जागरूकता और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने समारोह की सभी तैयारियाँ लगभग पूरी कर ली हैं। परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। सुरक्षा, यातायात, अतिथि सत्कार, मंच व्यवस्था तथा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में दीक्षान्त समारोह को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल है।

29 जुलाई को होने वाला यह अष्टम् दीक्षान्त समारोह केवल डिग्रियाँ बाँटने का कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि यह शिक्षा, प्रतिभा, शोध, सामाजिक उत्तरदायित्व और महिला सशक्तिकरण के समन्वय का एक प्रेरणादायी उत्सव बनकर जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के इतिहास में एक नई पहचान स्थापित करेगा।



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