ट्विंकल गुप्ता और शुभम सिंह ने अखिल भारतीय प्रतियोगिता में बनाई जगह, रंगमंच जगत में खुशी की लहर
बलिया। जनपद के रंगमंच जगत के लिए गर्व और खुशी की खबर है। भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय, लखनऊ से संबद्ध प्रतिष्ठित भारतेंदु नाट्य अकादमी में परास्नातक (पीजी) पाठ्यक्रम हेतु संकल्प संस्था के दो प्रतिभाशाली रंगकर्मियों ट्विंकल गुप्ता और शुभम सिंह का चयन हुआ है। दोनों कलाकारों की इस उपलब्धि से जिले के कला एवं रंगमंच जगत में उत्साह का माहौल है।
भारतेंदु नाट्य अकादमी में प्रवेश प्राप्त करना आसान नहीं माना जाता। इसके लिए अभ्यर्थियों को कई चरणों की कठिन चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। देशभर से आने वाले प्रतिभागियों के बीच सीमित 20 सीटों पर ही प्रवेश दिया जाता है। ऐसे में संकल्प संस्था के दो कलाकारों का चयन होना संस्था के साथ-साथ पूरे जनपद के लिए गौरव की बात है।
ट्विंकल गुप्ता पिछले लगभग दस वर्षों से संकल्प संस्था से जुड़कर सक्रिय रूप से रंगमंच की साधना कर रही हैं। उन्होंने अनेक नाटकों में अभिनय के साथ-साथ निर्देशन की भी सफल जिम्मेदारी निभाई है। रंगकला के प्रति उनके समर्पण का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे इससे पूर्व राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) वाराणसी सेंटर से इंडियन क्लासिकल थिएटर में एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स भी पूरा कर चुकी हैं। उनकी प्रतिभा को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रदान की जाने वाली नेशनल स्कॉलरशिप से भी सम्मानित किया जा चुका है।
वहीं, गाजीपुर जनपद निवासी शुभम सिंह पिछले दो वर्षों से संकल्प संस्था से जुड़े हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कई नाट्य प्रस्तुतियों में प्रभावशाली भूमिकाएं निभाकर अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया। संस्था से जुड़ने से पहले वे लखनऊ और वाराणसी में रहकर रंगमंच की विधाओं का अभ्यास कर चुके हैं। उनकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि उन्होंने देश की प्रतिष्ठित नाट्य अकादमी में अपना स्थान सुनिश्चित किया।
संकल्प संस्था के सचिव, रंग निर्देशक एवं प्रशिक्षक आशीष त्रिवेदी ने दोनों कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन, समर्पण और लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास हमेशा सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि ट्विंकल और शुभम की यह उपलब्धि जनपद के अन्य युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और अधिक से अधिक युवाओं को अभिनय एवं रंगमंच के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
आशीष त्रिवेदी ने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद कला एवं रंगमंच के क्षेत्र में रोजगार और करियर की संभावनाएं पहले की अपेक्षा काफी बढ़ी हैं। ऐसे में युवाओं के लिए यह क्षेत्र अब केवल शौक तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि एक सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य का माध्यम बनता जा रहा है।
ट्विंकल गुप्ता और शुभम सिंह की इस शानदार सफलता पर बलिया के रंगकर्मियों, साहित्यकारों, कलाकारों तथा कला प्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। यह उपलब्धि न केवल दोनों कलाकारों की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि बलिया के समृद्ध सांस्कृतिक और रंगमंचीय परंपरा की भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।


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