बलिया। जनपद के सुरेमनपुर क्षेत्र अंतर्गत पिपरपाती गांव में मंगलवार की शाम हुए भीषण अग्निकांड ने चार परिवारों की खुशियां और वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी को पलभर में राख कर दिया। शाम करीब 7:30 बजे अज्ञात कारणों से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और गोविंद बारी, ज्ञानी बारी, राजू प्रसाद उर्फ विधायक तथा संतोष प्रसाद के रिहायशी मकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घरों में रखा घरेलू सामान, अनाज, कपड़े, फर्नीचर तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं धू-धू कर जलने लगीं। आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के सदस्य किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकले, लेकिन वर्षों की मेहनत से बसाई गई गृहस्थी उनकी आंखों के सामने जलकर राख हो गई।
आग की चपेट में आए राजू प्रसाद उर्फ विधायक के घर में रखा फ्रिज, कूलर, पंखा, बक्सा सहित अन्य कीमती घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। वहीं अन्य प्रभावित परिवारों का भी भारी नुकसान हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति आग में स्वाहा हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और आग पर काबू पाने के लिए बाल्टियों, पंपसेट तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों से प्रयास शुरू कर दिया। ग्रामीणों की एकजुटता और अथक मेहनत के चलते आग को आसपास के अन्य घरों तक फैलने से रोका जा सका।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी करीब दो घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक गांव के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया था। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने पहुंचकर शेष आग को पूरी तरह बुझाया और स्थिति को सुरक्षित किया।
घटना के बाद पीड़ित परिवारों की महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम जैसा माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता एवं राहत सामग्री उपलब्ध कराने तथा नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
बुधवार सुबह राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। लेखपाल एवं कानूनगो ने प्रभावित परिवारों से जानकारी लेकर नुकसान का आकलन किया तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्राम प्रधान राहुल चौबे भी मौके पर मौजूद रहे और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। राजस्व टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गांव के लोगों का कहना है कि यदि ग्रामीण समय रहते एकजुट होकर आग बुझाने में नहीं जुटते, तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था तथा आसपास के कई अन्य घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे। अब पीड़ित परिवार प्रशासन से शीघ्र राहत एवं मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।



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