बलिया : विश्व संगीत दिवस पर सजी सुरों की महफिल, पं. राजकुमार मिश्र हुए सम्मानित


रामपुर (बलिया), 21 जून। विश्व संगीत दिवस के अवसर पर पं. के.पी. मिश्र मेमोरियल संगीत विद्यालय, रामपुर के प्रांगण में शनिवार को भव्य संगीत गोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भोला प्रसाद आग्नेय ने की। इस अवसर पर संगीत प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. गणेश पाठक तथा विशिष्ट अतिथि करुणानिधि तिवारी एवं अनिल तिवारी द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात मां सरस्वती वंदना "जय शारदे मां कल्याणी" की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई, जिसमें हारमोनियम पर शिवम मिश्र तथा तबला पर राहुल ने संगत प्रदान की।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. गणेश पाठक ने कहा कि संगीत एक समग्र कला है, जिसमें गायन, वादन एवं नृत्य तीनों का समावेश होता है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक, आध्यात्मिक एवं बौद्धिक विकास का सशक्त साधन भी है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. भोला प्रसाद आग्नेय ने कहा कि संगीत के बिना मानव जीवन अधूरा है। उन्होंने बताया कि विश्व संगीत दिवस की शुरुआत वर्ष 1982 में फ्रांस में "फेट डे ला म्यूजिक" के रूप में हुई थी और आज यह दिवस विश्व के 120 से अधिक देशों में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि संगीत मानव जीवन में शांति, प्रेम, सौहार्द और एकता की भावना विकसित करता है तथा तनावमुक्त जीवन जीने की प्रेरणा देता है। साथ ही संगीत चिकित्सा के बढ़ते महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

विशिष्ट अतिथि करुणानिधि तिवारी ने कहा कि संगीत साधना का विषय है, जो मनुष्य को आध्यात्मिक चेतना एवं परम सत्य के निकट ले जाता है। वहीं नवचन्द्र तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संगीत मानव जीवन में आनंद, उत्साह एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम में छात्रा प्रज्ञा ने राग बिहाग की मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में वैष्णवी, शिवानी, श्रुति, रश्मि, दिव्यांशी, रीमा, शशि, नीरज, पृथ्वी, जयप्रकाश, प्रिंस, नरेंद्र, संकट मोचन मिश्र, रुद्र तिवारी, सानिध्य मिश्र, शाश्वत, शिवेंद्र, चंदन, आदर्श दीप एवं आकाश मिश्र सहित अनेक विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

विद्यालय के शिष्य रुद्र तिवारी ने कहा कि संगीत की न कोई भाषा होती है, न धर्म और न ही जाति। यह सम्पूर्ण मानवता को एक सूत्र में बांधने वाली सार्वभौमिक कला है।

इस अवसर पर विद्यालय के सचिव पं. राजकुमार मिश्र को संगीत एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में पं. राजकुमार मिश्र ने सभी अतिथियों, कलाकारों, अभिभावकों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विश्व संगीत दिवस के इस आयोजन ने संगीत की महत्ता, उसकी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सरोकारों को नई ऊर्जा प्रदान करते हुए उपस्थित जनसमूह को सुर, साधना और संस्कारों का अनूठा संदेश दिया।



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