विकास कार्यों की निगरानी को नई पहचान : जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति अब ‘दृष्टि’ के नाम से जानी जाएगी


शासन का बड़ा निर्णय — विकास योजनाओं की समीक्षा और क्रियान्वयन को मिलेगा अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी स्वरूप

बलिया। उत्तर प्रदेश शासन ने विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था को अधिक सशक्त, व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शासन के निर्देश पर अब “जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति” को नए नाम “दृष्टि (DRISHTI)” से जाना जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के विशेष सचिव द्वारा जारी पत्र के माध्यम से यह निर्णय प्रभावी किया गया है।

उन्होंने बताया कि शासनादेश दिनांक 01 जुलाई 2025 के अंतर्गत गठित “जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति” का नाम परिवर्तित कर अब “दृष्टि (DRISHTI)” कर दिया गया है। “दृष्टि” का पूर्ण रूप District Review & Inspection for Sustainable Tracking & Implementation निर्धारित किया गया है। शासन का उद्देश्य विकास योजनाओं की सतत समीक्षा, प्रभावी अनुश्रवण तथा योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को नई दिशा प्रदान करना है।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा सम्यक विचारोपरांत लिया गया यह निर्णय विकास कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करेगा। इसके साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। शासन ने स्पष्ट किया है कि 01 जुलाई 2025 के शासनादेश के अन्य सभी प्रावधान पूर्ववत लागू रहेंगे तथा जहां कहीं भी “जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति” अंकित है, वहां अब “दृष्टि (DRISHTI)” पढ़ा जाएगा।

इस नए नामकरण को प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार और बेहतर मॉनिटरिंग व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि “दृष्टि” के माध्यम से विकास योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सकेगा।



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