पत्रकार महाकुंभ में उमड़ा जनसैलाब, पत्रकारों की एकजुटता ने राजधानी लखनऊ में रचा नया इतिहास


हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित महाकुंभ में प्रदेशभर से जुटे हजारों पत्रकार, पांच सूत्रीय मांग पत्र सर्वसम्मति से पारित

लखनऊ, 23 मई। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित) द्वारा हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजधानी लखनऊ के पीडब्ल्यूडी सभागार में आयोजित “पत्रकार महाकुंभ” ने एक नया इतिहास रच दिया। भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद प्रदेश के कोने-कोने से भारी संख्या में पत्रकारों ने पहुंचकर यह साबित कर दिया कि अब पत्रकार समाज अपने अधिकारों और सम्मान के प्रति पूरी तरह जागरूक हो चुका है। कार्यक्रम में पत्रकारों का उत्साह, जोश और एकजुटता देखते ही बन रही थी।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्षों का उत्सव मनाने के साथ-साथ पत्रकारों की समस्याओं और अधिकारों को मजबूती से सरकार तक पहुंचाना था। इस दौरान उपस्थित पत्रकारों ने हाथ उठाकर पांच सूत्रीय मांग पत्र को सर्वसम्मति से पारित किया तथा सरकार को इसे तीन माह के भीतर पूरा करने का समय दिया। पत्रकारों ने सरकार से आग्रह किया कि पत्रकार हितों से जुड़ी इन मांगों को गंभीरता से लागू किया जाए।


पत्रकार अब अपने हक के लिए जागरूक : प्रभात त्रिपाठी

समिति के संयोजक प्रभात त्रिपाठी ने प्रदेशभर से आए पत्रकारों के उत्साह को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आज का यह महासम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि पत्रकार अब अपने अधिकारों के लिए जागरूक हो चुका है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और संघर्ष से किया गया प्रयास एक न एक दिन जरूर सफल होता है और आज का यह जनसैलाब उसी सफलता का प्रतीक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व सांसद शीशराम सिंह रवि ने समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समिति पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ पत्रकारों की आवाज उठा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पत्रकारों के हर संघर्ष और हर आवाज में वह समिति के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।


उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पत्रकारों की मांगों पर दिया सकारात्मक संकेत

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनता के हित में लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रही है।

बृजेश पाठक ने मंच से पत्रकारों की पांच सूत्रीय मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि वह पत्रकारों का “बेरंग मांग पत्र” अपने साथ लेकर जा रहे हैं। उनकी इस टिप्पणी पर सभागार में मौजूद पत्रकारों ने जोरदार तालियों और ठहाकों से स्वागत किया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में पत्रकारों के हर संभव कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि कोई पत्रकार किसी समस्या को लेकर उन्हें फोन करेगा तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने जीता पत्रकारों का दिल

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का संबोधन भी आकर्षण का केंद्र रहा। तिरुपति बालाजी दर्शन से लौटने के बाद सीधे कार्यक्रम स्थल पहुंचे दयाशंकर सिंह ने देरी के लिए पत्रकारों से माफी मांगते हुए उनकी सभी मांगों को गंभीरता से लेने का भरोसा दिलाया।

उन्होंने कहा कि पत्रकारों को रोडवेज बसों में यात्रा के दौरान मिलने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा तथा बस यात्रा में किलोमीटर की बाध्यता समाप्त करने सहित अन्य समस्याओं पर जल्द अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।

परिवहन मंत्री ने दिवंगत पत्रकार दिलीप सिन्हा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि तिरुपति यात्रा के कारण वह आर्थिक सहायता का चेक साथ नहीं ला सके, लेकिन शीघ्र ही उनके आवास जाकर परिवार को सहायता राशि प्रदान करेंगे।

दयाशंकर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि देश और प्रदेश में अभूतपूर्व विकास कार्य हो रहे हैं तथा प्रदेश के बस अड्डों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उन्होंने परिवहन विभाग को आदर्श विभाग बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।


गौ सेवा आयोग अध्यक्ष ने गांव और गौसंरक्षण पर दिया जोर

गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने अपने संबोधन में गौसेवा और ग्रामीण संस्कृति को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति की आधारशिला हैं और गांवों की ओर लौटकर गोबर आधारित जैविक खाद को बढ़ावा देना चाहिए।

उन्होंने पत्रकारों की पांच सूत्रीय मांगों को न्यायसंगत बताते हुए आश्वासन दिया कि वह स्वयं समिति के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इन मांगों को उठाएंगे।


वरिष्ठ पत्रकारों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में सूचना आयुक्त दिलीप अग्निहोत्री ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

वहीं वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार ने अपने 50 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव साझा करते हुए पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, संघर्ष और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने समिति को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।


पेंशन, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं प्रमुख मांगों में शामिल

पत्रकार महाकुंभ में पारित पांच सूत्रीय मांगों में वरिष्ठ पत्रकारों को पेंशन, पत्रकार सुरक्षा गारंटी कानून, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा सहायता तथा आवास सुविधा जैसी प्रमुख मांगें शामिल रहीं। पत्रकारों ने इन मांगों को पत्रकार समाज के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया।


इन पदाधिकारियों और पत्रकारों की रही प्रमुख उपस्थिति

कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष शेखर पंडित, महासचिव ज्ञानेश पाठक, उपाध्यक्ष के.के. सिंह, अमन अग्रवाल, जितेंद्र कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष विक्रम राव, सचिव राजू यादव, अर्चना गुप्ता, दीपक अवस्थी, लखन मिश्र सहित कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र कुमार दुबे, अनिल तिवारी, लक्ष्मीकांत तिवारी, सुभाष चंद्र मिश्रा, धनंजय सिंह, शीतला प्रसाद, बलराम गुप्ता, सियाराम यादव, बबिता ओबरॉय, खालिद सिद्दीकी, सुजीत द्विवेदी समेत बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन विक्रम राव ने किया।


पत्रकारों की एकजुटता का बना ऐतिहासिक प्रतीक

राजधानी लखनऊ में आयोजित यह पत्रकार महाकुंभ केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि पत्रकारों की एकजुटता, संघर्ष और अधिकारों की आवाज का बड़ा मंच बनकर उभरा। भीषण गर्मी में हजारों पत्रकारों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब पत्रकार समाज अपने सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए संगठित होकर आगे बढ़ रहा है।



Post a Comment

0 Comments