बलिया : महाराणा प्रताप की मनाई गई 386वीं जयंती


बलिया। विकास संस्कृति साहित्य अकादमी और साहित्य चेतना समाज के संयुक्त तत्वाधान में आनंद नगर कार्यालय पर महाराणा प्रताप की 386वीं जयंती आयोजित की गई। सर्वप्रथम महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का आगाज किया गया।अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ0 आदित्य कुमार अंशु ने कहा कि महाराणा प्रताप के भाई मानसिंह ने मुगलों से मिलकर देशद्रोह का कार्य किया। डॉ0 फतेहचंद बेचैन ने कहा कि देश के युवाओं को महाराणा प्रताप से प्रेरणा और सीख लेनी चाहिए। सुदेश्वर अनाम ने कहा कि भामाशाह ने महाराणा प्रताप की आर्थिक सहायता करके देशभक्ति का परिचय दिया। डॉ0 नवचंद तिवारी ने कहा कि महाराणा प्रताप देश के सच्चे सपूत और राष्ट्रभक्त थे। प्रधानाचार्य और साहित्यकार डॉ0 शशि प्रेम देव ने कहा कि महाराणा प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की। 

इस अवसर पर डॉ0 सुनील ओझा, सुदेश्वर अनाम डॉ0 फतेह चंद्र बेचैन, भोजपुरी भूषण नंद जी नंदा, जीतेन्द्र स्वाध्यायी, रमेश मिश्र हंसमुख, डॉ0 कादम्बिनी सिंह, सूरज समदर्शी, रामशंकर वर्मा मनहर, डॉ0 गयाशंकर प्रेमी, डॉ0 अरविंद उपाध्याय, विनय कुमार गुप्त, विनीत कुमार गुप्त, विवेक कुमार गुप्त आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता डॉ0 आदित्य कुमार अंशु और संचालन डॉ0 फतेह चन्द बेचैन ने किया।



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