बलिया में सीयूसीईटी 2026 लॉन्च : एआई शिक्षा और 50 करोड़ स्कॉलरशिप से युवाओं को मिलेगा ग्लोबल करियर मौका


स्किल, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का संगम—चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने खोले भविष्य के दरवाजे

बलिया। पूर्वांचल की धरती पर शिक्षा का एक नया और आधुनिक अध्याय जुड़ गया, जब चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश ने ‘सीयूसीईटी 2026’ पोर्टल लॉन्च कर युवाओं के लिए वैश्विक करियर की राह आसान कर दी। यह पहल केवल एक प्रवेश परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई, स्किल-बेस्ड एजुकेशन और इनोवेशन के माध्यम से युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने का एक व्यापक अभियान है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह ने स्पष्ट किया कि बदलते समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से परिवर्तित हो रहा है। अब सिर्फ डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप स्किल्स से लैस होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्किल-बेस्ड एजुकेशन ही वह माध्यम है, जो युवाओं को सीधे रोजगार और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ता है।


चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने इसी सोच के तहत अपने कोर्सेज को एआई-आधारित और इंडस्ट्री-अलाइन बनाया है। यूनिवर्सिटी ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी कर छात्रों को वास्तविक कार्य अनुभव से जोड़ने की दिशा में मजबूत कदम उठाया है। इसके साथ ही 100 से अधिक कंपनियों के सहयोग से बना कॉर्पोरेट एडवाइजरी बोर्ड छात्रों के करियर को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।

इस अवसर पर 50 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप योजना की घोषणा ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर प्रदान करना है। अब तक 2000 से अधिक छात्र इस योजना का लाभ उठाकर अपने सपनों को नई उड़ान दे चुके हैं।

यूनिवर्सिटी का इनोवेशन इकोसिस्टम भी युवाओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। ‘कैम्पस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी पहलें स्टार्टअप्स को न केवल प्रोत्साहित कर रही हैं, बल्कि उन्हें फंडिंग और तकनीकी सहयोग भी प्रदान कर रही हैं। ‘कैम्पस टैंक’ के माध्यम से 1000 से अधिक स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर की फंडिंग से जोड़ा जा चुका है, जो युवाओं में उद्यमिता की नई लहर पैदा कर रहा है।

करीब 2500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित एआई-एनहैंस्ड स्मार्ट कैंपस आधुनिक शिक्षा और रिसर्च का उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी प्रोग्राम्स संचालित किए जा रहे हैं, जो डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा दे रहे हैं।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अनुरूप तैयार एडवांस्ड क्रेडिट सिस्टम और स्किल-बेस्ड प्रोग्राम्स छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई-एमएल रिसर्च सेंटर जैसी सुविधाएं उन्हें प्रैक्टिकल ज्ञान और आधुनिक तकनीक का अनुभव दे रही हैं।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 68 एआई-एनहैंस्ड प्रोग्राम लॉन्च किए गए हैं, जिनमें अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और लेटरल एंट्री कोर्स शामिल हैं। इनका उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें फ्यूचर-रेडी बनाना है।

कार्यक्रम में ‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन और एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन का भी उल्लेख किया गया, जिसमें हजारों युवाओं ने भाग लेकर देश के लिए तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।

अंत में प्रो. सिंह ने ‘सीयूसीईटी 2026’ पोर्टल के माध्यम से एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने की घोषणा करते हुए युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल शिक्षा को सुलभ बनाएगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी बनाएगी।

कुल मिलाकर, बलिया में आयोजित यह आयोजन शिक्षा, तकनीक और अवसरों का ऐसा संगम बनकर उभरा, जिसने युवाओं के सपनों को नई दिशा और नई उड़ान देने का मजबूत आधार तैयार कर दिया।



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