राष्ट्रीय महिला चिकित्सक दिवस : सेवा, संवेदना और संघर्ष की मिसाल


हर वर्ष 3 फरवरी को देशभर में राष्ट्रीय महिला चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन समर्पित, निष्ठावान और साहसी महिला चिकित्सकों को समर्पित है, जिन्होंने न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया, बल्कि सामाजिक रूढ़ियों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और पेशेगत चुनौतियों के बीच संतुलन बनाते हुए मानवता की सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाया। यह दिवस चिकित्सा जगत में महिलाओं की भूमिका, उनके संघर्ष, उपलब्धियों और योगदान को सम्मान देने का एक सशक्त अवसर है।

भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में महिला चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वे केवल रोगों का उपचार करने वाली डॉक्टर ही नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने वाली मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और संवेदनशील परामर्शदाता भी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महानगरों तक, सरकारी अस्पतालों से निजी चिकित्सा संस्थानों तक, महिला डॉक्टरों ने अपनी करुणा, दक्षता और समर्पण से लाखों जिंदगियों को नया जीवन दिया है।

राष्ट्रीय महिला चिकित्सक दिवस का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह दिन हमें चिकित्सा क्षेत्र में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता की याद दिलाता है। लंबे समय तक चिकित्सा जैसे पेशे को पुरुष प्रधान माना गया, किंतु समय के साथ महिला चिकित्सकों ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से इस सोच को बदला। आज वे सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, मनोरोग, हृदय रोग, अनुसंधान और प्रशासन जैसे जटिल व जिम्मेदार क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

महिला चिकित्सकों का योगदान केवल अस्पताल की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। महामारी, आपदा, युद्ध जैसी परिस्थितियों में उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा की है। कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान महिला डॉक्टरों ने फ्रंटलाइन पर रहकर न केवल मरीजों का उपचार किया, बल्कि अपने परिवार से दूर रहकर समाज की रक्षा का दायित्व निभाया। यह त्याग और समर्पण उन्हें विशेष सम्मान का पात्र बनाता है।

इस दिवस का उद्देश्य नई पीढ़ी की बालिकाओं और युवतियों को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना भी है। जब समाज महिला चिकित्सकों को सम्मान देता है, तो यह संदेश जाता है कि बेटियां भी हर क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं। साथ ही, यह दिन कार्यस्थलों पर सुरक्षित वातावरण, समान अवसर और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की दिशा में सोचने का अवसर प्रदान करता है।

राष्ट्रीय महिला चिकित्सक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि एक स्वस्थ समाज की नींव में महिला चिकित्सकों की अहम भूमिका है। उनकी सेवा, संवेदना और संघर्ष हमारे लिए प्रेरणा हैं। इस अवसर पर हमें न केवल उनका सम्मान करना चाहिए, बल्कि उनके कार्य को सहयोग, सुरक्षा और समान अवसर देकर और सशक्त बनाना चाहिए। यही इस दिवस की सच्ची सार्थकता है।

परिवर्तन चक्र समाचार सेवा ✍️ 



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