*औचक निरीक्षण में गंदगी, फाइलों के अंबार और अनुपस्थित कर्मचारी देख भड़के मुख्य विकास अधिकारी*
*10 बिंदुओं पर जारी किए कड़े निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी*
बलिया। विकास भवन की कार्यप्रणाली सुधारने के उद्देश्य से आज मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास भवन का औचक एवं सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यालयों में व्याप्त गंदगी, फाइलों की अव्यवस्थित स्थिति, पुरानी फाइलों और निष्प्रयोज्य सामान के अंबार तथा कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर सीडीओ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास भवन आम जनता से जुड़ा कार्यालय है और यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों में पाई गई कमियों के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी ने सुधार के लिए 10 प्रमुख निर्देश जारी किए :—
निरीक्षण में पाया गया कि DDO, DPRO, DMWO, कृषि विभाग सहित कई कार्यालयों की अलमारियां बिना किसी पहचान के थीं। इस पर सीडीओ ने निर्देश दिया कि सभी अलमारियों पर क्रम संख्या अंकित की जाए तथा प्रत्येक अलमारी के दरवाजे पर यह स्पष्ट लिखा जाए कि वह किस अधिकारी/कर्मचारी की है और उसमें कौन-कौन सी फाइलें रखी गई हैं। फाइलों से धूल साफ करने और पुराने बक्सों को तत्काल हटाने के आदेश दिए गए।
कार्यालयों में आगंतुकों की सुविधा के लिए सभी पटलों और मेजों पर कर्मचारियों की नेम प्लेट लगाने तथा उस पर उनके कार्यों का विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आम नागरिकों को भटकना न पड़े।
DSWO कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) रमेश कुमार अनुपस्थित पाए गए, जिस पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। वहीं लापरवाही के चलते DO PRD का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
RED अनुभाग के निरीक्षण में यह सामने आया कि प्रधान सहायक के बैठने के लिए कुर्सी तक उपलब्ध नहीं थी। इस पर सीडीओ ने Exn RED को फटकार लगाते हुए तत्काल कुर्सी और टेबल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता को लेकर कक्ष संख्या 3 के बाहर गंदगी पाए जाने पर पेंट कराने, गमले रखने, पंखों से जाले हटाने और बेकार कागजों को नष्ट करने के निर्देश दिए गए। कक्ष संख्या 5 में रखे खराब कंप्यूटरों को तत्काल हटाने को कहा गया।
विकास भवन के शौचालय अत्यंत गंदे पाए गए। सीडीओ ने नजीर, विकास भवन को तत्काल सफाई कराने, टूटी वेस्ट पाइप बदलने, यूरिनल चेंज करने तथा पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला शौचालयों की विशेष सफाई और RO की सर्विस कराने के भी आदेश दिए गए।
कक्ष संख्या 12 और 13 के बीच बने अस्थायी कमरे, DRDA स्टोर और अन्य विभागों में रखे निष्प्रयोज्य सामान को लेकर समिति बनाकर तत्काल नीलामी कराने तथा सभी कमरे खाली कराने के निर्देश दिए गए।
DPRO कार्यालय में IGRS कार्य हेतु स्पष्ट रूप से ‘IGRS Cell’ का बोर्ड लगाने, सोशल ऑडिट रूम में नेम प्लेट लगाने तथा DSWO कंप्यूटर/स्कॉलरशिप रूम के बाहर अंदर कार्यरत कर्मचारियों के नाम और कार्य लिखवाने के निर्देश दिए गए।
स्कॉलरशिप रूम, AE MI कार्यालय और कृषि विभाग के कमरों में रोशनी कम पाए जाने पर प्रकाश व्यवस्था सुधारने और मेजों पर टेबल क्लॉथ बिछाने के निर्देश दिए गए।
विकास भवन के पिछले गेट पर रखी लावारिस अलमारियों और बक्सों को अतिक्रमण मानते हुए उनके ताले तोड़कर हटाने तथा परिसर के बाहर जमी गंदगी साफ कराने की जिम्मेदारी DPRO को सौंपी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सोमवार को पुनः औचक निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही 13 फरवरी 2026 को विकास भवन का वृहद निरीक्षण प्रस्तावित है। यदि व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं मिलीं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध शासन को कार्रवाई हेतु रिपोर्ट भेजी जाएगी।
सीडीओ ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे अपनी ड्यूटी के प्रति सजग रहें और कार्यालय की व्यवस्था तत्काल सुधारें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई तय है।








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