बलिया : बाल विवाह के खिलाफ जिले में गूंजा संकल्प, सांसद ने दिखाई बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी


बलिया। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के उन्मूलन की दिशा में एक सशक्त पहल करते हुए गुरुवार, 23 जनवरी 2026 को बाल विवाह मुक्ति रथ का शुभारंभ किया गया। डाक बंगला परिसर से माननीय सांसद श्री सनातन पाण्डेय जी ने सुबह 11:00 बजे बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सांसद महोदय ने बाल विवाह के विरुद्ध हस्ताक्षर कर शपथ भी ली और समाज को इस कुरीति से मुक्त करने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री अजहर अली, महिला विभाग से अंजलि सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अभियान के तहत पूरे जिले में जगह-जगह बाल विवाह के खिलाफ शपथ समारोह आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि जनसामान्य को इस सामाजिक अपराध के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।


अभियान के दौरान लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि कानून के अनुसार बाल विवाह में किसी भी प्रकार से शामिल या सहायता करने वाले—चाहे वे शादी में शामिल मेहमान हों, कैटरर्स, टेंट व बैंड संचालक, सजावट करने वाले या बाल विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित—सभी को इस अपराध को बढ़ावा देने का दोषी मानते हुए सजा का प्रावधान है।


नव भारतीय नारी विकास समिति द्वारा जिला प्रशासन एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर बीते वर्षों से लगातार कार्य किया जा रहा है। समिति के प्रयासों से पिछले एक वर्ष में ही 150 बाल विवाह रोके गए हैं, जो इस अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाता है।


सरकार द्वारा चलाए जा रहे 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान का स्वागत करते हुए समिति के प्रतिनिधि अजहर अली ने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में जागरूकता का यह अभियान देश की दिशा बदलने वाला सिद्ध होगा और प्रधानमंत्री के विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि सदियों से बेटियों को अवसरों से वंचित रखा गया और विवाह के नाम पर उन्हें अत्याचार व शोषण का शिकार बनाया गया, जिसे अब समाप्त करना होगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों, सरकारी विभागों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और समाज के सामूहिक प्रयासों से जिले को एक वर्ष के भीतर बाल विवाह मुक्त बनाया जा सकता है। यह अपराध अब छिप नहीं पाएगा और इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।

गौरतलब है कि यह 100 दिवसीय जागरूकता अभियान तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है, जिसका अंतिम चरण 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संपन्न होगा।



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