हर वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय पतंग दिवस केवल रंग-बिरंगी पतंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह खुशियों, आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है। इस दिन आसमान रंगीन पतंगों से सज उठता है और धरती पर लोग उत्साह, उमंग व मेल-जोल की भावना के साथ एक-दूसरे के करीब आते हैं। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि भिन्नताओं के बावजूद हम सब एक ही खुले आकाश के नीचे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
भारत में इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि यह मकर संक्रांति, उत्तरायण, लोहड़ी, पोंगल और बिहू जैसे पर्वों के साथ मनाया जाता है। गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव तो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, जहाँ देश-विदेश से आए पतंगबाज अपनी अनोखी कलाओं का प्रदर्शन करते हैं। बड़ी-बड़ी आकृतियों वाली पतंगें, पारंपरिक डिज़ाइन, आधुनिक थीम्स और रचनात्मकता का संगम इस आयोजन को वैश्विक पहचान दिलाता है।
पतंग उड़ाना केवल एक खेल नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है। बचपन की यादें छतों पर दोस्तों के साथ दौड़ना, “वो काटा!” की गूंज, मां द्वारा बनाए गए गुड़-तिल के लड्डू और घर-परिवार की सामूहिक हंसी इन सबका संगम इस दिन को खास बना देता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय पतंग दिवस भावनाओं से जुड़ा हुआ पर्व भी है, जो हमें हमारी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है।
आज के दौर में यह दिवस सांस्कृतिक कूटनीति का भी माध्यम बन चुका है। अलग-अलग देशों के लोग एक मंच पर आकर न केवल अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं, बल्कि परस्पर समझ, शांति और भाईचारे का संदेश भी फैलाते हैं। पतंगों के माध्यम से यह संदेश जाता है कि सीमाएँ भले ही ज़मीन पर हों, पर आकाश सबके लिए समान है।
हालाँकि, उत्सव के साथ सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है। आजकल नायलॉन व चाइनीज़ मांझे से होने वाली दुर्घटनाएँ चिंता का विषय हैं। इसलिए यह जरूरी है कि हम केवल सूती धागे का उपयोग करें, पक्षियों की सुरक्षा का ख्याल रखें और उड़ान के बाद बची हुई पतंगों व धागों का सही निस्तारण करें। सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से मनाया गया त्योहार ही सच्चे अर्थों में आनंददायक होता है।
अंतरराष्ट्रीय पतंग दिवस हमें यह भी सिखाता है कि जीवन में ऊँचाइयाँ छूने के लिए धैर्य, संतुलन और सही दिशा जरूरी है ठीक वैसे ही जैसे पतंग को उड़ाने के लिए सही हवा और कुशल हाथों की जरूरत होती है। यह दिन हमें आशा, सकारात्मकता और नई उड़ान भरने की प्रेरणा देता है।
निष्कर्षतः, अंतरराष्ट्रीय पतंग दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि यह एक भावना है जो हमें हँसना सिखाती है, जोड़ना सिखाती है और यह याद दिलाती है कि खुशियाँ तब और बढ़ जाती हैं जब उन्हें सबके साथ साझा किया जाए। आइए, इस दिन हम सब मिलकर आकाश में पतंगों के साथ-साथ दिलों में भी प्रेम, शांति और सौहार्द की ऊँची उड़ान भरें।


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