चितबड़ागांव, बलिया। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर सोमवार को चितबड़ागांव में स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित स्वदेशी संकल्प दौड़ (रन फॉर स्वदेशी) ने युवाओं में राष्ट्रभक्ति, स्वदेशी चेतना और आत्मनिर्भरता का संदेश फैलाया। रामलीला मैदान से सुबह 11 बजे रैली के रूप में शुरू हुई यह दौड़ श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में संपन्न हुई, जहां स्वदेशी, सनातन संस्कृति, चिंतन, धर्म-मूल्यों और आत्मनिर्भरता पर आधारित संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मा नंद ने स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं केवल पढ़ने या सुनने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए हैं। उन्होंने युवाओं से “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” तथा “खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है” जैसे संदेशों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के संयोजक स्वदेशी जागरण मंच के संगठन मंत्री (बिहार–झारखंड) माननीय अजय कुमार ने कहा कि स्वदेशी केवल एक विचार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की नींव है, जिसे युवाओं को अपने आचरण में उतारना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक हम अपने संसाधनों, संस्कृति और सामर्थ्य पर विश्वास नहीं करेंगे, तब तक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के निदेशक ई. तुषारनंद, वंश नारायण, अखिलेश त्रिपाठी, डॉ. मयंक शेखर, बृज कुमार सिंह (पूर्व चेयरमैन, चितबड़ागांव), जितेंद्र राय, धनंजय सिंह, मोतीचंद गुप्ता, अंजनी उपाध्याय, राजू सिंह, विक्की तिवारी, दिव्यांश उपाध्याय, आनंद सिंह, सोनू सिंह, बीना शुक्ला सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अंगद प्रसाद गुप्ता ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जबकि मंच संचालन श्री बृजेश गुप्ता ने किया। पूरे आयोजन में युवाओं का उत्साह और जोश देखते ही बनता था, जिसने स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत किया।



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