बलिया : ग्राम्य विकास व पंचायती राज योजनाओं की समीक्षा में डीएम सख्त, धीमी प्रगति पर कार्रवाई के निर्देश


*पंचायत भवन निर्माण में देरी पर डीएम का अल्टीमेटम, 31 जनवरी तक पूरा हो काम*

*स्वयं सहायता समूह गठन में पिछड़े ब्लॉक, बीएमएम को लक्ष्य पूरा करने का दिए निर्देश*

बलिया। ग्राम्य विकास, पंचायती राज एवं नियोजन विभाग की समीक्षा बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई, जिसमें कई विकास खण्डों में खराब प्रगति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। स्वयं सहायता समूहों के गठन की समीक्षा में विकास खण्ड हनुमानगंज, बेलहरी, चिलकहर, बेरुआरबारी एवं मनियर में लक्ष्य के सापेक्ष खराब प्रगति पाई गई। इस पर संबंधित विकास खण्डों के बीएमएम को लक्ष्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी गई कि लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।

सामुदायिक निवेश निधि में हनुमानगंज, बेलहरी एवं चिलकहर की प्रगति असंतोषजनक पाई गई। वहीं लखपति दीदी योजना में हनुमानगंज, बेलहरी, चिलकहर एवं दुबहर में खराब प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जीरो पावर्टी प्रगति में चिलकहर, पंदह, नवानगर एवं नगरा में कार्य की गति धीमी पाए जाने पर तेजी लाने को कहा गया। पंचायत भवन निर्माण की समीक्षा में बताया गया कि अभी तक 62 पंचायत भवनों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इनमें हनुमानगंज में 4, सोहाव में 2, दुबहर में 3 तथा अन्य विकास खण्डों में एक-एक पंचायत भवन अपूर्ण हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 31 जनवरी तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में संबंधित खण्ड विकास अधिकारी जिम्मेदार होंगे। साथ ही पंचायत भवनों में कार्यरत पंचायत सहायकों की उपस्थिति व स्थिति की विस्तृत जानकारी मांगी गई। डीएम ने निर्देश दिए कि 940 ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सहायकों की प्रोफाइल अपडेट की जाए, रिक्त पदों व नियुक्ति प्रक्रिया की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही सभी पंचायत भवनों में सीसीटीवी कैमरा व वाई-फाई संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के पंचम एवं 15वें वित्त आयोग की प्रगति में विकास खण्ड सोहाव, पंदह एवं नवानगर में खराब स्थिति पाए जाने पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रगति 90 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम पंचायतों में आरआरसी केंद्रों के निर्माण को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। 

सामुदायिक शौचालय निर्माण में 27 ग्राम पंचायतों में अब तक कार्य पूर्ण नहीं होने पर चिंता जताई गई। इनमें दुबहर में 08, सोहाव में 06, बेलहरी में 04, बांसडीह में 03, नगरा में 01 एवं रसड़ा में 01 शामिल हैं। भूमि उपलब्ध न होने के कारण निर्माण अधूरा होने पर जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई तो संबंधित बीडीओ, एसडीएम एवं लेखपाल का वेतन रोकने की चेतावनी दी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज डीडीओ आनंद प्रकाश एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।



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