बलिया। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, सौहाँव बलिया में आज विश्व मृदा दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रगतिशील किसान श्री पुण्य प्रताप सिंह (ग्राम–दौलतपुर) द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई। कार्यक्रम में सर्वप्रथम केंद्र के प्रभारी एवं सस्य विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. सोमेन्द्र नाथ ने उपस्थित सभी कृषकों, महिला कृषकों, अधिकारियों एवं कृषि विभाग के कर्मचारियों का स्वागत किया। उन्होंने रबी फसलों में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन से उत्पादन क्षमता और मिट्टी की सेहत दोनों में सुधार होता है। इसके बाद केंद्र के पादप प्रजनन विभाग के वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने रबी एवं जायद फसलों के लिए बायोफोर्टिफाइड प्रजातियों की महत्ता समझाई तथा उनके लाभ बताए। पादप सुरक्षा विभाग के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक यादव ने रबी फसलों में प्राकृतिक विधि से रोग एवं कीट नियंत्रण तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रासायनिक दवाओं के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी पर होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी और जैविक तरीके अपनाने पर जोर दिया। केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार पाल ने मृदा की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता कम हो रही है और कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने किसानों को रबी एवं खरीफ की बुवाई से पूर्व मिट्टी परीक्षण कराने और उसकी रिपोर्ट के अनुसार उर्वरकों के प्रयोग की सलाह दी। साथ ही खेतों में वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप कम्पोस्ट और सड़ी हुई गोबर की खाद क्रमशः 4–5 टन, 5–6 टन और 7–8 टन प्रति हेक्टेयर प्रयोग करने की सलाह दी, जिससे मृदा स्वास्थ्य में सुधार हो सके।कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती पर भी विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि देशी गाय के गोबर व गोमूत्र के उपयोग से मिट्टी की सेहत में तेज़ी से सुधार किया जा सकता है। मिट्टी परीक्षण कार्य में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला बलिया के अध्यक्ष श्री पंकज चौरसिया का विशेष सहयोग उल्लेखनीय रहा। कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी अशोक कुमार यादव ने रबी फसलों से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं वेद प्रकाश सिंह ने प्राकृतिक खेती के तहत रोग नियंत्रण हेतु ब्रह्मास्त्र एवं नीमास्त्र के उपयोग की विधि बताई। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। इस अवसर पर श्री धर्मेन्द्र कुमार, डॉ. सतीश कुमार सिंह यादव एवं सुशिला भी उपस्थित रहे।


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