बलिया। प्रदेश के दीवानी न्यायालयों के ग्रीष्मकालीन अवकाश को लेकर एक बार फिर बदलाव की मांग उठी है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. निर्भयनारायण सिंह, पूर्व अध्यक्ष फौजदारी बार एसोसिएशन बलिया, ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं महानिबंधक, उच्च न्यायालय इलाहाबाद को पत्र प्रेषित कर महत्वपूर्ण सुझाव दिया है।
प्रेषित पत्र में कहा गया है कि वर्तमान व्यवस्था के तहत जून माह में दीवानी न्यायालय एक माह के लिए बंद रहते हैं, जबकि फौजदारी एवं राजस्व न्यायालय संचालित होते रहते हैं। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लगभग दस दिन का अवकाश मिलता है, लेकिन अधिवक्ताओं को न्यायालय आकर केवल तारीख लेने जैसे औपचारिक कार्य करने पड़ते हैं, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती है।
डॉ. सिंह ने सुझाव दिया है कि एक माह के लंबे अवकाश के स्थान पर पूरे न्यायालय को 1 जून से 15 जून तक पूर्ण रूप से बंद किया जाए तथा इस अवधि में केवल रिमांड जैसे आवश्यक कार्यों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका मानना है कि इससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और न्यायिक कार्यप्रणाली पर भी कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस आशय का प्रस्ताव बार एसोसिएशन बलिया द्वारा पूर्व में कई बार भेजा जा चुका है, साथ ही बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है। उन्होंने शासन से इस गंभीर विषय पर जनहित एवं न्यायहित में सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।


0 Comments