उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने नवनियुक्त शिक्षकों को दी बधाई

 

शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं, शिक्षा विकास की कुंजी है, समाज निर्माण का आधार है।

शिक्षा, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाती है।

शिक्षक देश व समाज के निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन करें ।

शिक्षण कार्य के साथ-साथ छात्रों में नए संस्कार पैदा करें। 

बच्चों को मानसिक रूप से शक्तिशाली बनाएं। 

 बच्चों की नैतिक शिक्षा भी दें।

नौनिहालों को प्रतियोगी परीक्षाओं के योग्य बनाएं।

नौनिहालों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करें।

शिक्षक एक आदर्श समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें : केशव प्रसाद मौर्य 

लखनऊः 5 सितंबर 2020। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि शिक्षा समाज और देश के विकास का आधार है। शिक्षक नौनिहालों को अच्छी शिक्षा व गुणवत्तापरक शिक्षा देकर राष्ट्र व समाज के निर्माण में सहयोग प्रदान करते हैं ।शिक्षा विकास की धुरी है ,विकास का आधार है ,विकास की कुंजी है ।देश के सामाजिक ,आर्थिक ,शैक्षिक उन्नयन में देश के महान शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान रहा है ।

आजादी की लड़ाई में भी शिक्षकों की ने अपनी लेखनी के माध्यम से एक नई अलग जगाई थी। निश्चित रूप से शिक्षक पूज्नीय है ।श्री केशव प्रसाद मौर्य आज पूरे प्रदेश में शिक्षकों को दिए गए नियुक्ति पत्र के संबंध में बधाई देते हुए उन्हें उच्च नैतिक आदर्शों के आधार पर अपने कर्तव्यों और दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया ।

उप मुख्यमंत्री व जनपद मैनपुरी के प्रभारी मंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने मैनपुरी के शिक्षक /शिक्षिकाओं दीक्षा गुप्ता .सुप्रिया निधि. शिवानी मिश्रा आदि से वेबिनार के जरिए वार्ता करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि एक लंबी लड़ाई के बाद उन्हें नियुक्ति पत्र मिला है ।उत्तर प्रदेश, देश का ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा प्रदेश है ।तमाम चुनौतियों के बावजूद भी आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ा है। शिक्षक भी नए कलेवर के साथ काम करके देश को आगे बढ़ाएं ।उन्होंने कहा कि आज भी हम लोगों मे अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान है और उनके सम्मान के प्रति से सर झुक जाता है। नौनिहालों में ऐसी शक्तिशाली मानसिक स्थिति बनाए और उन्हें ऐसी नैतिक शिक्षा को बढ़ावा दें कि छात्रों में सम्मान का भाव हमेशा बना रहे ।बच्चों मे अच्छे संस्कार भी विकसित करें ,उन्हें रोजगार परक शिक्षा दे , उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के अंदर ऐसी ऊर्जा व प्रतिभा का संचार करें कि वह बड़ी से बड़ी प्रतियोगिता में अपना स्थान बनाए।

श्री मौर्य ने कहा कि नई शिक्षा नीति आने वाली है ।प्रदेश के अंदर शिक्षकों की पूर्ति करके एक अभूतपूर्व काम बड़ी लंबी लड़ाई के बाद पूरा हुआ है ।गुरु महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक जिस प्रकार से अपने बच्चों को शिक्षा ,स्नेह और प्यार देते हैं, उसी प्रकार से स्कूल में भी पूरे स्नेह व संस्कारों भरी शिक्षा देकर अपने गुरुतर दायित्वों का निर्वहन करें ।गुरु की महिमा से इतिहास भरा पड़ा है ।शिक्षक वैसा ही कार्य करके महान इतिहास बनाएं ।ईमानदारी के साथ काम करें, सफलता उनके चरण चूमेगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपील की कि अगर उनके कार्यालय में कोई शिक्षक जाते हैं तो अपने गुरु की तरह उनका सम्मान करें और उनकी हर समस्या का समाधान करें 

बी एल यादव 

सूचना अधिकारी



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