गंगा की निर्मल बनाए रखने के लिए एक से पांच जनवरी के मध्य गंगा यात्रा निकाली जाएगी। बलिया से शुरू यह गंगा यात्रा तटवर्ती गांवों से होते हुए कानपुर समाप्त होगी।...
भदोही । गंगा की निर्मल बनाए रखने के लिए एक से पांच जनवरी के मध्य गंगा यात्रा निकाली जाएगी। बलिया से शुरू यह गंगा यात्रा तटवर्ती गांवों से होते हुए कानपुर समाप्त होगी। यात्रा में प्रत्येक जिले में खुद मुख्यमंत्री को शामिल होना प्रस्तावित है। गंगा तट पर पडऩे वाले अलग-अलग गावों में विधायक और सांसद रात्रि विश्राम करेंगे। विकास सहित अन्य विभागों को कार्यक्रम को लेकर जिम्मेदारी सौंपी गई है।लोकभवन से पत्र जारी होते ही विभागीय अधिकारी चौकन्ना हो गए हैं। प्रधान और सचिवों के साथ बैठक कर तटवर्ती गांवों को चमकाने लिए निर्देशित कर दिया है। सूबे में गंगा यात्रा दो चरणों में निकाली जाएगी।
*प्रथम चरण में बलिया जनपद में मुख्यमंत्री यात्रा का* शुभारंभ करेंगे। गंगा नदी 1025 किमी की दूरी 205 किमी प्रतिदिन के हिसाब से पांच दिन में पूरी करनी है। प्रत्येक दिन और प्रत्येक जनपद में एक केंद्रीय मंत्री प्रतिभाग करेंगे। गंगा किनारे पडऩे वाले सभी ग्राम पंचायतों एवं नगर निकायों में विधायक रात्रि विश्राम भी करेंगे। संबंधित जिले में मुख्यमंत्री भी इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं। यात्रा में नदियों को पुनस्र्थापित करने के क्षेत्र में कार्य कर रहे स्थानीय स्तर के ख्याति प्राप्त सामाजिक, व्यापाारिक, सांस्कृतिक एवं स्वयंसेवी संगठनों तथा गंगा की पवित्रता, अविरलता पर कार्य कर रहे संगठनों भी जोडऩे का निर्देश दिया गया है।
*इन्हें सौंपी गई है जिम्मेदारी* : गंगा तट पर पडऩे वाले नगरीय क्षेत्रों में ओडीएफ प्लस के लक्ष्य को पूर्ण करना है। साथ ही सीवर, ड्रेनेज को रोकने, पालीथिन को पूर्णतया रोकने ओर गंगा आरती के आयोजन के लिए उचित स्थान चिन्हित करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में गंगा तालाब, गंगा मैदान आदि की व्यवस्था से लैस होना चाहिए। शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, पशुपालन, कृषि विभाग, उद्यान एवं वन विभाग, पर्यावरण आदि विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
*बोले अधिकारी*
यात्रा को लेकर तटवर्ती गांव के प्रधान और सचिवों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दे दिया गया है। यात्रा की तैयारी के अन्य विभागों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। - सरोज पांडेय, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण।
0 Comments