परियोजना लागत पर 25 से 10 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सहायता का प्रावधान, 18 वर्ष की आयु वाले कर सकते हैं आवेदन
बलिया। प्रदेश सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय विशिष्ट व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक जनपद एक व्यंजन (ODOC) वित्तपोषण हेतु सहायता योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत जनपद बलिया के लिए चिन्हित सत्तू आधारित उत्पादों तथा बाटी-चोखा से संबंधित उद्योग, सेवा और व्यवसाय स्थापित करने के इच्छुक लोगों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का उद्देश्य स्थानीय खाद्य उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
योजना के अंतर्गत परियोजना लागत के अनुसार लाभार्थियों को मार्जिन मनी के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 25 लाख रुपये तक की परियोजना लागत वाली इकाइयों के लिए परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6.25 लाख रुपये, जो भी कम हो, मार्जिन मनी के रूप में देय होगा। 25 लाख रुपये से अधिक और 50 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए परियोजना लागत का 20 प्रतिशत अथवा अधिकतम 6.25 लाख रुपये, जो भी अधिक हो, सहायता निर्धारित की गई है। इसी प्रकार 50 लाख रुपये से अधिक और 150 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए 6.25 लाख रुपये अथवा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, जो भी अधिक हो, मार्जिन मनी के रूप में देय होगा। वहीं, 150 लाख रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लिए परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 लाख रुपये, जो भी कम हो, सहायता दी जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए सामान्य श्रेणी के आवेदकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं अंशदान के रूप में जमा करना होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांगजन श्रेणी के लाभार्थियों के लिए स्वयं का अंशदान परियोजना लागत का पांच प्रतिशत निर्धारित किया गया है। आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। योजना में शैक्षिक योग्यता की कोई बाध्यता नहीं रखी गई है, जिससे अधिक से अधिक इच्छुक लोग अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आगे आ सकें।
हालांकि, योजना का लाभ केवल जनपद बलिया के लिए चिन्हित ओडीओसी उत्पादों से संबंधित इकाइयों को ही मिलेगा। आवेदक किसी राष्ट्रीयकृत बैंक का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए और उसने केंद्र अथवा राज्य सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ प्राप्त नहीं किया होना चाहिए। पात्रता की शर्तों को पूरा करने के संबंध में आवेदक को शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, आवश्यक अभिलेखों तथा अन्य विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति किसी भी कार्यदिवस में कार्यालय उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, बलिया में संपर्क कर सकते हैं। योजना से जिले के पारंपरिक व्यंजनों पर आधारित कारोबार को नई दिशा मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

.jpg)

