आरटीई योजना से बलिया के 9,343 बच्चों को मिली बड़ी राहत, 9.67 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी



390 निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को भी पांच करोड़ रुपये से अधिक की फीस प्रतिपूर्ति, डीबीटी के माध्यम से खातों में पहुंची धनराशि

बलिया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 में जनपद बलिया के हजारों बच्चों और निजी विद्यालयों को बड़ी राहत मिली है। योजना के अंतर्गत जिले के 9,343 छात्र-छात्राओं को शैक्षिक सामग्री खरीदने के लिए 4 करोड़ 67 लाख 15 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। वहीं, 390 गैर-सहायतित एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों को फीस प्रतिपूर्ति के रूप में पांच करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उनके बैंक खातों में भेजी गई है। इस प्रकार बच्चों की वित्तीय सहायता और विद्यालयों की फीस प्रतिपूर्ति को मिलाकर कुल 9.67 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत पात्र बच्चों को शिक्षा की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह धनराशि जारी की गई है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र छात्र-छात्रा को पांच हजार रुपये की दर से कुल 4 करोड़ 67 लाख 15 हजार रुपये की सहायता दी गई है। इस धनराशि से बच्चे स्कूल ड्रेस, स्वेटर, जूता-मोजा, स्कूल बैग, किताबें और स्टेशनरी सहित अन्य आवश्यक शैक्षिक सामग्री खरीद सकेंगे।

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त जनपद के 390 गैर-सहायतित एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों को फीस प्रतिपूर्ति के मद में कुल 5 करोड़ 2 हजार 80 रुपये का भुगतान किया गया है। शासन की मंशा के अनुरूप लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए धनराशि सीधे बैंक खातों में प्रेषित की गई है, जिससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और पात्र बच्चों को समय से सहायता मिल सके।

आरटीई योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के समान अवसर उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था के माध्यम से पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। साथ ही, निर्धारित मानकों के अनुसार संबंधित विद्यालयों को फीस प्रतिपूर्ति की जाती है, जिससे योजना के प्रभावी संचालन में सहायता मिलती है।

जनपद में बच्चों की शैक्षिक जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता और विद्यालयों को फीस प्रतिपूर्ति की धनराशि जारी होना शिक्षा के अधिकार को धरातल पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे जहां आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर शैक्षिक खर्च का बोझ कम करने में मदद मिलेगी, वहीं बच्चों को आवश्यक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने में भी सुविधा होगी। शिक्षा विभाग के अनुसार, पात्र लाभार्थियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।