राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार लेकर बलिया लौटे डॉ. इफ्तेखार खां


*रेलवे स्टेशन पर शिक्षकों और परिजनों ने किया भव्य स्वागत, 26 वर्षों से बच्चों को दे रहे निशुल्क कला शिक्षा*

बलिया। शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 प्राप्त करने के बाद राजकीय इंटर कॉलेज, बलिया के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खां मंगलवार को पहली बार बलिया पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही शिक्षकों, परिजनों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

नई दिल्ली में 5 सितंबर को आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में देशभर के 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया था। इनमें बलिया के डॉ. इफ्तेखार खां भी शामिल रहे। राष्ट्रपति के हाथों सम्मान प्राप्त कर उन्होंने जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।

डॉ. इफ्तेखार खां विद्यालय में बच्चों को कला की शिक्षा देने के साथ ही पिछले करीब 26 वर्षों से निशुल्क कला शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। वर्ष 2000 से वह प्रत्येक रविवार अपने घर पर बच्चों के लिए कला की कक्षा लगाते हैं। उनका उद्देश्य बच्चों को कला से जोड़ना और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को निखारना है। यह सिलसिला आज भी निरंतर जारी है।

मूल रूप से सिकंदरपुर क्षेत्र के किकोढ़ा गांव निवासी डॉ. खां वर्ष 1998 से राजकीय इंटर कॉलेज, बलिया में कला शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने प्रारंभिक पढ़ाई विज्ञान विषय से की, लेकिन धीरे-धीरे कला के प्रति उनकी रुचि बढ़ती गई। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से बीएफए, एमएफए और पीएचडी की शिक्षा पूरी की। उनकी पीएचडी का विषय ‘मुगलकालीन पोथियों में दृष्टांत चित्र’ रहा।

दिल्ली से बलिया लौटने के बाद डॉ. इफ्तेखार खां ने कहा कि शिक्षक दिवस पर मिला यह सम्मान उनके परिवार, शिक्षक समाज और सभी विद्यार्थियों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि सम्मान मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब उनका प्रयास रहेगा कि वह आगे भी पूरी निष्ठा से ऐसा कार्य करते रहें, जिससे किसी को शिकायत का अवसर न मिले।

उन्होंने कहा कि बलिया की अपनी अलग पहचान है। यह ऋषि-मुनियों और साहित्यकारों की धरती रही है। इसी माहौल और प्रेरणा ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया और राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने का अवसर मिला।

डॉ. इफ्तेखार खां के बलिया लौटने पर शिक्षकों और परिजनों के स्वागत से रेलवे स्टेशन पर खुशी का माहौल रहा। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान हासिल कर लौटे शिक्षक को लेकर जिले के शिक्षकों और विद्यार्थियों में भी उत्साह दिखाई दिया।