बलिया में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, कई स्थानों पर बढ़ाव जारी


गंगा-घाघरा समेत कई नदियां खतरे के बिंदु से ऊपर, बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने जारी की जलस्तर रिपोर्ट

बलिया। बाढ़ नियंत्रण कक्ष, बलिया सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से 13 सितंबर 2026 को जारी नदी जलस्तर एवं वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार जनपद में गंगा, सरयू (घाघरा) और टोंस नदी के विभिन्न गेज स्थलों पर जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार कई गेज स्थलों पर नदियों का जलस्तर निर्धारित खतरे के बिंदु से ऊपर दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक गंगा नदी के बक्सर गेज स्थल पर जलस्तर 13 सितंबर को सुबह 8 बजे 59.64 मीटर तथा शाम 4 बजे 59.77 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का बिंदु 60.320 मीटर है। इस प्रकार बक्सर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है, हालांकि दिन के दौरान जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं गंगा नदी के गायघाट गेज स्थल पर जलस्तर 60.390 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का बिंदु 57.615 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से गायघाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 2.77 मीटर ऊपर है।

सरयू (घाघरा) नदी के डीएसपी हेड पर जलस्तर 64.69 मीटर से बढ़कर 64.78 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का बिंदु 64.010 मीटर है। यानी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 77 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इसी तरह चाॅदपुर गेज स्थल पर जलस्तर 59.20 से बढ़कर 59.22 मीटर दर्ज हुआ, जबकि खतरे का बिंदु 58 मीटर है। मांझी में भी जलस्तर 56.10 से बढ़कर 56.15 मीटर हो गया है, जबकि खतरे का बिंदु 55.150 मीटर है।

टोंस नदी के पिपरा घाट पर जलस्तर 60.30 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का बिंदु 60 मीटर है। यहां भी नदी का पानी खतरे के निशान से लगभग 30 सेंटीमीटर ऊपर है।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट में नदियों के जलस्तर की प्रवृत्ति पर भी निगरानी रखी जा रही है। संबंधित अधिकारियों द्वारा लगातार गेज स्थलों से जलस्तर की जानकारी संकलित की जा रही है। प्रशासन एवं सिंचाई विभाग की टीमें बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

बाढ़ नियंत्रण कक्ष, बलिया ने लोगों से नदी के आसपास के क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।