बलिया : कलेक्ट्रेट परिसर में हर्षोल्लास से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, डीएम ने किया ध्वजारोहण


*कलेक्ट्रेट में शान से फहराया तिरंगा, डीएम ने दिलाया तिरंगे की आन-बान-शान का संकल्प*

*तिरंगे के तीन रंग देते हैं साहस, शांति और विकास का संदेश : डीएम*

*स्वतंत्रता दिवस पर कलेक्ट्रेट में गूंजा राष्ट्रगान, सेनानी परिवार हुए सम्मानित*

बलिया। 80वां स्वतंत्रता दिवस शनिवार को जिले में हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इस दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ का गायन हुआ।


जिलाधिकारी ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को हमारा देश स्वतंत्र हुआ था। यह आजादी आसानी से नहीं मिली, बल्कि लाखों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर सपूतों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनके त्याग और बलिदान के परिणाम स्वरूप देश को आजादी मिली। उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंग्रेजों ने व्यापार के माध्यम से भारत में प्रवेश किया और धीरे-धीरे अपना प्रभाव बढ़ाते हुए सत्ता पर कब्जा कर लिया।


1757 का प्लासी का युद्ध और 1764 का बक्सर का युद्ध अंग्रेजी सत्ता के विस्तार में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुए। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी धीरे-धीरे शासक कंपनी बन गई। वर्ष 1857 के विद्रोह के बाद भारत सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन आ गया और देश को लंबे समय तक गुलामी झेलनी पड़ी। जिलाधिकारी ने बलिया के लाल मंगल पांडेय के योगदान को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1857 में मंगल पांडेय ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति की मशाल जलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 


उन्होंने कहा कि मंगल पांडेय का जन्म वर्ष 1827 में बलिया के नगवा गांव में हुआ था और उन्होंने कम उम्र में सेना में भर्ती होकर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका। उनके साहस ने देशवासियों में यह विश्वास जगाया कि ब्रिटिश हुकूमत से आजादी हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बलिया की धरती का स्वतंत्रता संग्राम में विशेष योगदान रहा है। यहां के वीर सपूतों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। 


जिलाधिकारी ने उपस्थित लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे तिरंगे की आन, बान और शान को कभी झुकने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि तिरंगे का प्रत्येक रंग देश के लिए विशेष संदेश देता है। केसरिया रंग साहस और त्याग का प्रतीक है, सफेद रंग शांति का संदेश देता है, जबकि हरा रंग विकास और समृद्धि का प्रतीक है। तिरंगे के मध्य स्थित अशोक चक्र हमें निरंतर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देता है। 


उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखना और देश की एकता, अखंडता एवं विकास के लिए ईमानदारी से कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। साथ ही उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों को सम्मानित किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट में स्थित सुभाष चंद्र बोस के मूर्ति पर माल्यार्पण किया। 


इस अवसर पर एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सीआरओ गुलशन जी एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण एवं स्कूल के छात्र- छात्राएं आदि उपस्थित रहे।