10वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर पूर्व मंत्री ने कहा—न्याय की लड़ाई सच्चाई सामने लाने के लिए, भाजपा में रहते हुए भी उठाऊंगा पीड़ित परिवार की आवाज

बलिया। नरही थाना कांड में पुलिस की गोली से शहीद हुए विनोद राय की 10वीं पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर पूर्व मंत्री नारद राय ने न्याय की लड़ाई को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विनोद राय के परिजनों को न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि पीड़ित परिवार न्याय के लिए मुख्यमंत्री से मिलना चाहता है तो वह उनके साथ मुख्यमंत्री के दरबार में मत्था टेकने को भी तैयार हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिल सके।


मीडिया से बातचीत में पूर्व मंत्री नारद राय ने कहा कि विनोद राय को अब तक न्याय नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मामले में गवाहों के बयानों को लेकर भी सवाल उठाए। कहा कि यह सोचने का विषय है कि आखिर किन परिस्थितियों में मामले के कई गवाह पुलिस के पक्ष में बयान देने लगे। इससे पूरा प्रकरण और अधिक गंभीर हो गया है। उन्होंने कहा कि मामले के घटनाक्रम और गवाहों के बयानों की निष्पक्षता से समीक्षा किए जाने की जरूरत है।

नारद राय ने कहा कि जिस समय विनोद राय की हत्या हुई, उस समय वह प्रदेश सरकार में मंत्री थे। उस समय भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी के स्तर से जो कुछ संभव था, वह करने का प्रयास किया और बहुत कुछ किया भी। उन्होंने कहा कि आज वह भाजपा के एक सिपाही के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं और आगे भी अपने स्तर से जो कुछ संभव होगा, उसे करने से पीछे नहीं हटेंगे।

पूर्व मंत्री ने कहा कि विनोद राय की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता। यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत का मामला नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवार के न्याय, सम्मान और उनके अधिकारों का सवाल भी है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार को लगता है कि उसे न्याय नहीं मिला है और वह अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहता है तो वह पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़े रहेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय की लड़ाई किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक तथ्य सामने आ सकते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत होगी।

नारद राय ने दोहराया, “जब हत्या हुई तब मैं सरकार का मंत्री था, उस समय भी जो हो सकता था किया और आज भी भाजपा का एक सिपाही हूं, जो कर सकूंगा करूंगा।” उन्होंने कहा कि भाजपा में रहते हुए भी वह विनोद राय के परिजनों की आवाज मजबूती से उठाते रहेंगे।

विनोद राय की 10वीं पुण्यतिथि के अवसर पर नरही में आयोजित होने वाले श्रद्धांजलि कार्यक्रम से ठीक पहले नारद राय के इस बयान ने पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उनके बयान के बाद विनोद राय के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

इस दौरान भाजपा नेता मुन्ना बहादुर, अनिल राय, श्याम बिहारी राय, टुनटुन राय, प्रेम कुमार, सुधाकर राय, सिद्धनाथ राय, प्रवीण राय, अरुण राय, गंगा प्रधान तेतारपुर, हरिशंकर, महेंद्र, नथुनी, मनु, ओमप्रकाश, लाला, आशुतोष, तेज नारायण, शंकर राय, राजन राय, अविनाश राय, मंझूसी राय और संतोष राय सोहांव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।