बलिया : 15 दिन में निपटाएं लंबित राजस्व वाद, डीएम ने दिए मिशन मोड में काम के निर्देश


*जिलाधिकारी ने भूमि आवंटन और आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के दिए आदेश*

*जिलाधिकारी ने मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटन में तीन तहसीलों की खराब प्रगति पर संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के दिए आदेश* 

*चकबंदी विभाग में 4969 मुकदमे लंबित मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने के दिए आदेश*

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों से जुड़े 25 महत्वपूर्ण एजेंडों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आईजीआरएस, डिजिटल क्रॉप सर्वे, अंश निर्धारण, स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, राजस्व वादों के निस्तारण, बाढ़ प्रबंधन, भूमि आवंटन, मत्स्य पट्टा, अवैध खनन, भूमि अधिग्रहण, चकबंदी वादों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रगति की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने आईजीआरएस में लंबित मामलों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वामित्व योजना के तहत लक्ष्य के सापेक्ष 1286 गांवों में सर्वे कार्य शेष होने पर नाराजगी जताते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को अभियान चलाकर लक्ष्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बाढ़ की तैयारियों पर विशेष जोर दिया। आगामी बाढ़ को देखते हुए तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने रेड जोन के गांवों की पहचान कर वहां पहले से नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, मेडिकल कैंपों के लिए स्थान चिन्हित करने, बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से संवाद स्थापित करने तथा भोजन, नाव और पशुओं के लिए भूसे की आपूर्ति हेतु अग्रिम टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कंट्रोल रूम स्थापित करने, एनडीआरएफ की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जिले के 183 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची तैयार रखने को कहा। साथ ही अंश निर्धारण की धीमी प्रगति पर नाराजगी अंश निर्धारण की समीक्षा में बलिया सदर (71 प्रतिशत), बांसडीह (76 प्रतिशत) और बैरिया (70 प्रतिशत) की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं रसड़ा (92 प्रतिशत), सिकंदरपुर (87.99 प्रतिशत) और बेल्थरा रोड (92.87 प्रतिशत) की प्रगति अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई। उन्होंने धारा 24, 33, 34, 67 एवं 116 से संबंधित लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम से पैमाइश की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी लंबित वादों मामलों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। 90 दिन से अधिक पुराने मामलों को मिशन मोड में निपटाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लंबित मामलों पर नाराजगी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सभी तहसीलों में 16 प्रकरण लंबित मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित गांवों के लेखपाल एवं कानूनगो के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 

भूमि आवंटन और आवास योजना में लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश दिए। भूमि आवंटन की समीक्षा में रसड़ा, सिकंदरपुर और बैरिया तहसीलों में कृषि पट्टों का आवंटन नहीं होने पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। आवासीय पट्टा वितरण में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न होने पर सभी एसडीएम को फटकार लगाते हुए उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसी प्रकार मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटन में बांसडीह, बलिया और बैरिया तहसीलों की खराब प्रगति पर संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के आदेश दिए गए, चकबंदी विभाग को शोकॉज नोटिस चकबंदी विभाग में 4969 मुकदमे लंबित मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पांच वर्ष से अधिक पुराने सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा भवनों के शीघ्र उद्घाटन, सस्ता गल्ला दुकानों के चयन, अवैध खनन पर कार्रवाई, भूमि अधिग्रहण, नदी कटान निरोधक कार्य, गंगा ऑडिटोरियम के जीर्णोद्धार, एसटीपी परियोजना, व्हीकल डिटेंशन यार्ड के लिए भूमि उपलब्ध कराने सहित अन्य विकास एवं राजस्व संबंधी विषयों पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

बैठक में एडीएम अनिल कुमार, सीआरओ गुलशन जी समस्त एसडीएम, नायब तहसीलदार, तहसीदार, न्यायिक तहसीलदार एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।



Post a Comment

0 Comments