बलिया में 20 शिक्षकों को मिले कैशलेस चिकित्सा कार्ड, छात्र-छात्राओं को डीबीटी से मिली सहायता राशि


*शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सौगात, बलिया में मंत्री दयाशंकर सिंह और दानिश आजाद अंसारी ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ*

*12 लाख शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा : दानिश आजाद अंसारी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां*

बलिया। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, छात्र-छात्राओं को डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि वितरण, शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के सम्मान समारोह का कार्यक्रम बुधवार को गंगा बहुद्देशीय सभागार में आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह एवं राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। जिलाधिकारी ने दोनों अतिथियों का पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया। इस कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया गया। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री जी का लाइव प्रसारण भी प्रदर्शित किया गया। 


मुख्य अतिथि राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर की 19वीं पुण्यतिथि भी मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने लगभग 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹1200 की धनराशि यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, बैग और स्टेशनरी की खरीद के लिए भेजी है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों को कैशलेस एवं नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू भी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बलिया के विकास के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सहित औद्योगिक विकास और तहसील स्तर तक विकास योजनाओं को गति दी जा रही है।


परिवहन मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीबों को नि:शुल्क उपचार की सुविधा दी है, उसी प्रकार मुख्यमंत्री ने शिक्षकों एवं उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर ₹10 हजार से ₹18 हजार तथा अनुदेशकों का मानदेय ₹17 हजार किया है।

 उन्होंने कहा कि पहले सरकारी विद्यालय में पढ़ाई करके आते थे वहीं आईएएस, पीसीएस बनते थे। हमारी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है तथा जिले में आश्रम पद्धति खोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाला सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक होता है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया।   


*20 शिक्षकों को मिला कैशलेस चिकित्सा कार्ड, लाभार्थियों को आवास प्रमाणपत्र, टूलकिट और आयुष्मान कार्ड वितरित*

मुख्य अतिथि प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दानिश आजाद अंसारी तथा परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इस कार्यक्रम में 05 लाख रुपये तक के निःशुल्क कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 20 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत तीन लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

इसी क्रम में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत पांच लाभार्थियों को उनके स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए टूलकिट वितरित की गई। वहीं जिला चिकित्सा विभाग की ओर से पांच पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए, जिससे वे सरकार की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।



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