भक्ति के आगे झुके स्वयं भगवान, शबरी प्रसंग सुन भाव-विभोर हुआ कथा पंडाल
रामकथा के आठवें दिन राजन जी महाराज ने सुनाया शबरी प्रसंग, प्रेम और भक्ति की अविरल धारा में डूबे श्रद्धालु
बेरुआरबारी (बलिया)। बाबा अमरनाथ मंदिर प्रांगण में विधायक केतकी सिंह के संयोजन में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन श्रद्धा, प्रेम और भक्ति का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला कि पूरा कथा पंडाल भावनाओं के सागर में डूब गया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के दिव्य मिलन का अत्यंत मार्मिक एवं हृदयस्पर्शी प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा के दौरान बार-बार "जय श्रीराम" के गगनभेदी उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
राजन जी महाराज ने कहा कि भरत मिलाप के पश्चात भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ माता शबरी के आश्रम पहुंचे। माता शबरी वर्षों से अपने गुरु के वचनों पर अटूट विश्वास रखते हुए प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा कर रही थीं। प्रभु के दर्शन होते ही उनकी तपस्या सफल हो गई। उन्होंने प्रेमपूर्वक चख-चखकर मीठे बेर भगवान श्रीराम को अर्पित किए। प्रभु ने बिना किसी भेदभाव के उन बेरों को बड़े प्रेम से ग्रहण कर यह संदेश दिया कि ईश्वर को बाहरी वैभव नहीं, बल्कि भक्त का निष्कलुष प्रेम, समर्पण और निर्मल हृदय प्रिय होता है।
कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीराम ने माता शबरी को नवधा भक्ति का अमूल्य उपदेश देकर संसार को बताया कि सच्चा भक्त वही है, जिसके हृदय में सेवा, श्रद्धा, विनम्रता, विश्वास और समर्पण का भाव हो। उन्होंने कहा कि शबरी प्रसंग समाज को समानता, करुणा, प्रेम और मानवता का संदेश देता है तथा यह प्रेरणा देता है कि अहंकार का त्याग कर निष्काम भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलना ही जीवन की सबसे बड़ी साधना है।
कथा के भावपूर्ण वर्णन के दौरान पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। श्रद्धालु प्रभु श्रीराम की महिमा का गुणगान करते हुए भाव-विह्वल हो उठे और वातावरण लगातार "जय श्रीराम" के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, पूर्व विधायक संजय यादव, राकेश सिंह, ईश्वर दयाल मिश्रा, विश्राम सिंह, शांत स्वरूप सिंह, शशिकांत ओझा, मिथुन सिंह, राणा कुणाल सिंह, राकेश महाजन, लाखन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र सिंह 'मुन्ना' ने किया।






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