दिव्य शिव महापुराण कथा का शुभारंभ, बलिया की पावन धरती को किया नमन
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप जीवन बदल देता है : पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में झूमे श्रद्धालु
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद नीरज शेखर व जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने की व्यास पीठ की पूजा
बलिया। जनपद के ऐतिहासिक एवं प्रमुख आस्था केंद्र बाबा बालखंडी नाथ धाम में मंगलवार से श्री शिव महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हो गया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिवमहापुराण कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने के लिए पहले ही दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ ने यह साबित कर दिया कि भगवान शिव के प्रति लोगों की आस्था आज भी उतनी ही प्रबल है जितनी प्राचीन काल में थी।
कथा का शुभारंभ करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि एवं बागी बलिया की वीर धरती को नमन किया। इस अवसर पर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद नीरज शेखर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने व्यास पीठ का पूजन-अर्चन कर कथा का विधिवत शुभारंभ कराया।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के संकल्प एवं जनसहयोग से आयोजित इस सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के लिए लगभग 50 एकड़ क्षेत्रफल में विशाल परिसर तैयार किया गया है। कथा वाचन के लिए 40×80 फीट का भव्य मंच तथा श्रद्धालुओं के बैठने के लिए विशाल पंडाल का निर्माण कराया गया है। बावजूद इसके पहले ही दिन श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक रही कि पूरा पंडाल छोटा पड़ गया। आयोजक दयाशंकर सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पंडाल एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था कराई जा रही है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन 9 जून से 15 जून 2026 तक चलेगा। कथा में केवल बलिया ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड तथा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा स्थल पर पहुंचते ही भक्तों को शिवमय वातावरण का अनुभव हो रहा है। हर ओर "हर हर महादेव" और "श्री शिवाय नमस्तुभ्यं" के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है।
कथा के प्रथम दिवस पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए बाबा बालेश्वर नाथ, महर्षि भृगु मुनि तथा राजा बलि से जुड़े प्रसंगों को श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बलिया की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए बागी बलिया के स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। कथा के दौरान जब उन्होंने "श्री शिवाय नमस्तुभ्यं" मंत्र का उच्चारण कराया तो पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया और हजारों श्रद्धालु मंत्रोच्चार के साथ झूम उठे।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान शिव केवल देवों के देव महादेव ही नहीं, बल्कि अपने भक्तों के लिए सहज, सरल और करुणामय आराध्य हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को शिव भक्ति, सेवा, संस्कार, परिवार में सद्भाव, माता-पिता के सम्मान तथा धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से भगवान शिव का स्मरण करने वाला व्यक्ति जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों से भी बाहर निकल सकता है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को सरल और सहज भक्ति का संदेश दिया। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि “एक लोटा जल, सारे समस्याओं का हल”। उन्होंने बताया कि सच्चे मन, पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान शिव को जल अर्पित करने से व्यक्ति के जीवन की अनेक परेशानियां दूर हो सकती हैं।
कथा के दौरान उन्होंने सनातन संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को अपनी जड़ों, परंपराओं और धार्मिक संस्कारों से जुड़ने की आवश्यकता है। शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य ज्ञान है। इसमें भक्ति, वैराग्य, कर्तव्य, सदाचार और मानव कल्याण का संदेश निहित है।
उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रतिदिन भगवान शिव का स्मरण करने, शिवलिंग पर जल अर्पित करने, बेलपत्र चढ़ाने, गौ सेवा करने, जरूरतमंदों की सहायता करने तथा अपने जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए मन की पवित्रता, सच्ची श्रद्धा और निष्काम भाव सबसे महत्वपूर्ण हैं।
कथा स्थल पर सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, पेयजल, पार्किंग तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन भी लगातार व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवकों की बड़ी टीम भी सेवा कार्य में लगी हुई है।
बाबा बालखंडी नाथ धाम में आरंभ हुई यह श्री शिव महापुराण कथा अब पूरे जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रद्धालुओं का मानना है कि कथा के माध्यम से न केवल धार्मिक चेतना का जागरण हो रहा है, बल्कि समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक ऊर्जा का भी संचार हो रहा है। कथा के पहले दिन उमड़ी भीड़ और भक्तों के उत्साह को देखकर स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बाबा बालखंडी नाथ धाम शिवभक्ति के एक विराट केंद्र के रूप में स्थापित होगा और पूरा क्षेत्र "हर हर महादेव" के जयघोष से गुंजायमान रहेगा।


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