बलिया के वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ मणि दुबे को पदोन्नति, बने उपमुख्य चिकित्साधिकारी


बलिया। जनपद के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गर्व और हर्ष का विषय है कि जिला महिला अस्पताल स्थित प्रश्नोत्तर केंद्र पर तैनात वरिष्ठ नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ मणि दुबे को प्रदेश शासन द्वारा उपमुख्य चिकित्साधिकारी (डिप्टी सीएमओ) के पद पर प्रोन्नत किया गया है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

डॉ. सिद्धार्थ मणि दुबे लंबे समय से जनपद में चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली, मानवीय संवेदनाओं और मरीजों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। विशेष रूप से नवजात शिशुओं एवं बच्चों के उपचार में उनकी विशेषज्ञता और सेवा भावना ने उन्हें आम जनता के बीच एक अलग पहचान दिलाई है।

कोरोना महामारी के कठिन दौर में जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा था, उस समय डॉ. दुबे ने अग्रिम पंक्ति के योद्धा के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए हजारों मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। उनकी निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न अवसरों पर उन्हें सम्मानित भी किया गया।

उनकी चिकित्सा सेवाओं को राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर पर भी सराहना मिली है। वर्ष 2024 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) शाखा बलिया द्वारा उन्हें प्रतिष्ठित "चिकित्सा भूषण" सम्मान से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2025 में लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री द्वारा भी उन्हें उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया था।

प्रदेश शासन द्वारा उपमुख्य चिकित्साधिकारी पद पर मिली यह प्रोन्नति उनके वर्षों के समर्पण, मेहनत और चिकित्सा क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान का परिणाम मानी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे जनपद के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए डॉ. दुबे को बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

डॉ. सिद्धार्थ मणि दुबे की इस उपलब्धि से न केवल स्वास्थ्य विभाग का मनोबल बढ़ा है, बल्कि युवा चिकित्सकों को भी अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। जनपद के विभिन्न सामाजिक, चिकित्सा एवं बौद्धिक वर्गों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की है कि नई जिम्मेदारी में भी वे अपनी कार्यकुशलता और सेवा भावना से स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



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