अगस्त से जनसंपर्क अभियान शुरू करने की तैयारी, विकास और जनसेवा को बनाया चुनावी मुद्दा
रसड़ा (बलिया)। विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय शेष है, लेकिन रसड़ा की राजनीतिक सरगर्मियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में समाजसेवी, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यवसायी एवं पत्रकार के रूप में पहचान रखने वाले मतलूब अहमद ने आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर कर क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
प्रेस से बातचीत के दौरान मतलूब अहमद ने कहा कि रसड़ा विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से अपेक्षित विकास से वंचित रहा है। उनका आरोप है कि अब तक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने चुनाव जीतने के बाद जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के बजाय अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी, जिसके कारण क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं आज भी बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर देती है तो वे "सबका साथ, सबका सम्मान, सबका विश्वास, सबकी सुरक्षा और सबका अधिकार" के मूल मंत्र के साथ कार्य करेंगे। मतलूब अहमद का दावा है कि वे ऐसे विकास कार्य कराएंगे जो अब तक क्षेत्र में नहीं हो सके हैं और जनता को एक नई कार्यशैली का अनुभव होगा।
हालांकि चुनावी राजनीति में बड़े-बड़े वादे और दावे कोई नई बात नहीं हैं। हर चुनाव में विकास, बदलाव और जनसेवा के अनेक वचन जनता के सामने रखे जाते हैं, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद इनमें से कई वादे धरातल पर उतरते दिखाई नहीं देते। ऐसे में मतलूब अहमद की घोषणा को लेकर भी क्षेत्र के लोगों के बीच उत्सुकता और चर्चा का माहौल है।
मतलूब अहमद ने बताया कि अगस्त माह से विधानसभा क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत वे गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे तथा उनसे समर्थन और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं को नेता नहीं बल्कि जनता का सेवक मानते हैं और जनता की ताकत के बल पर ही राजनीति में आगे बढ़ना चाहते हैं।
फिलहाल रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में उनकी संभावित दावेदारी राजनीतिक चर्चाओं का विषय बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता उनके विकास के संकल्प, सेवाभाव और चुनावी तैयारियों को किस नजरिए से देखती है तथा उनकी राजनीतिक यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ती है।


0 Comments