पश्चिम बंगाल के चर्चित पीए हत्याकांड में बलिया के राज सिंह बरी, कोर्ट ने कहा- नहीं मिले ठोस सबूत


बलिया। पश्चिम बंगाल के चर्चित पीए हत्याकांड मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। मामले में गिरफ्तार किए गए बलिया निवासी राज सिंह को अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके परिवार, रिश्तेदारों और गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।

बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में हुए हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने बलिया निवासी राज सिंह को मुख्य संदिग्ध मानते हुए गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद मामला काफी सुर्खियों में रहा और उनके परिवार को सामाजिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अदालत में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि राज सिंह के खिलाफ ऐसा कोई ठोस एवं प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है, जिससे उनकी संलिप्तता साबित हो सके। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त कर रिहा करने का आदेश दे दिया।

जैसे ही राज सिंह के निर्दोष साबित होने की खबर बलिया पहुंची, उनके घर और पैतृक गांव में लोगों की भीड़ जुटने लगी। परिवार के सदस्यों की आंखें खुशी से नम हो उठीं। परिजनों ने इसे “सच और न्याय की जीत” बताया।

ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें शुरू से ही राज सिंह की बेगुनाही पर भरोसा था और अब अदालत के फैसले ने उस विश्वास को सही साबित कर दिया है। गांव में लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई।

इस फैसले ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि जांच भले किसी भी दिशा में जाए, लेकिन अदालत में अंततः सच और सबूत ही सबसे अहम होते हैं। शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड में राज सिंह का बरी होना उनके परिवार के लिए नई शुरुआत और राहत लेकर आया है।



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