बलिया। मुख्य विकास अधिकारी श्री ओजस्वी राज की अध्यक्षता में बुधवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जनपद के विद्यालयों में स्थापित की जा रही व्यावसायिक शिक्षा लैब के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करना तथा छात्रों को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ना रहा।
सीडीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि व्यावसायिक शिक्षा लैब केवल औपचारिकता या शो-पीस बनकर न रहें, बल्कि उनका नियमित और सार्थक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि लैब का संचालन उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी और किसी भी स्थिति में लैब को बंद रखना या उसे लाइब्रेरी की तरह ताला लगाकर रखना स्वीकार्य नहीं किया जाएगा।
बैठक में लैब की अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष बल देते हुए सभी चयनित विद्यालयों में वॉल पैनलिंग कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही आधुनिक शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक लैब में वाई-फाई सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया।
सीडीओ ने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा के लिए लगभग 1.20 करोड़ रुपये की शिक्षण सामग्री आगामी 25 फरवरी 2026 तक सभी संबंधित विद्यालयों में पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी।
लैब के संचालन में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए पावर स्विच बोर्ड, समुचित विद्युत कनेक्शन, पेयजल व्यवस्था तथा विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त और आरामदायक फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर ग्राम पंचायत एवं विकास खंड स्तर से सहयोग लेकर लैब के रखरखाव और विस्तार का कार्य किया जाएगा।
इन व्यावसायिक शिक्षा लैब के माध्यम से मुख्य रूप से आईटी (IT), डेटा एंट्री और रिटेल सर्विस जैसे रोजगारपरक कोर्सों में छात्रों को विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि सभी लैब हर हाल में सक्रिय और छात्रों के लिए उपयोगी नजर आनी चाहिए, ताकि सरकार की मंशा के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा को जमीनी स्तर पर सफल बनाया जा सके।


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